
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 3, 2024 8:24 PM IST
National Nutrition Week 2024: भारत में बच्चों के पोषण पर जारी विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार कुपोषण अभी भी एक बड़ी समस्या है। आंकड़ों के अनुसाप भारत में 5 साल से कम उम्र के तकरीबन 3 करोड़ बच्चे कुपोषित हैं। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2023 में भारत को 125 देशों की सूची में 111वें स्थान पर रखा गया था। वहींस भारत में लगभग 16.6 प्रतिशत जनसंख्या कुपोषण की समस्या से जूझ रही है। जबकि, देश में 5 सालों से कम उम्र के 35.5 प्रतिशत बच्चों का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की रिपोर्ट्स की मानें तो भारत में हर साल कुपोषण के कारण 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौत का आंकड़ा लगभग 10 लाख से भी अधिक है।
बता दें कि, संतुलित आहार और पोषण का महत्व समझाने के लिए भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week) की शुरुआत 1982 से की गई थी। इस सप्ताह का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें इस बारे में बताना है कि आखिर 'पौष्टिक आहार' का हमारे जीवन में कितना महत्व है।
कम पौष्टिक और संतुलित आहार ना खाना।
महिलाओं में कुपोषण की समस्या(malnutrition in women) अधिक देखी जाती है। क्योंकि, वे घर के कामों और जिम्मेदारियों के बीच पौष्टिक डाइट नहीं लेती हैं।
जानकारी का अभाव होने के कारण लोग अलग-अलग पोषक तत्वों की अहमियत और उनकी जरूरी मात्रा के बारे में नहीं जान पाते। इसी वजह से वे संतुलित डाइट का सेवन नहीं कर पाते हैं।
जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड्स का अधिक मात्रा में सेवनकरना भी कुपोषण का एक बड़ा कारण (eating junk food can cause malnutition) है।
फूड सेफ्टी रिपोर्ट 2023 के अनुसार लगभग 74% भारतीय आबादी हेल्दी और पौष्टिक आहार का खर्च नहीं उठा सकती। जबकि, 39% लोग किसी ना किसी प्रकार की न्यूट्रिशल डेफिशिएंसी से जूझ रहे हैं।