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दिन में आती है ज्‍यादा नींद, तो हो सकता है अल्‍जाइमर का खतरा : शोध

शोधकर्ताओं के अनुसार, अल्जाइमर की बीमारी में मस्तिष्क के वे हिस्से कमजोर हो जाते हैं जो आपको दिन में जगाए रखते हैं।

दिन में आती है ज्‍यादा नींद, तो हो सकता है अल्‍जाइमर का खतरा : शोध
शोधकर्ताओं के अनुसार, अल्जाइमर की बीमारी में मस्तिष्क के वे हिस्से कमजोर हो जाते हैं जो आपको दिन में जगाए रखते हैं। ©Shutterstock

Written by Yogita Yadav |Published : August 17, 2019 1:06 PM IST

वे लोग जिनकी नींद रात में पूरी नहीं हो पाती, वे अकसर दिन में झपकी लेने लगते हैं। दिन में एक न एक बार सभी को झपकी आती ही है। पर अगर यह आदत ज्‍यादा बढ़ जाए तो यह एक तरह के मस्तिष्‍क विकार (Alzheimer diseases symptoms) की ओर संकेत करती है। वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर आपको दिन में ज्‍यादा झपकी आए तो यह भविष्‍य में आपके अल्‍जाइमर (Alzheimer diseases symptoms) से ग्रस्‍त होने के जोखिम को बढ़ा देते हैं।

क्‍या कहता है शोध

हाल ही में आए एक अध्ययन में दावा किया गया है कि दिन में अत्यधिक नींद आना अल्जाइमर (Alzheimer diseases symptoms) की बीमारी होने के खतरे की तरफ इशारा करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर से पीड़ित 13 मृत लोगों के मस्तिष्क में अनिद्रा से जुड़े हिस्सों में अल्जाइमर की बीमारी के लक्षणों को मापा और फिर उनकी ऐसे 7 लोगों से तुलना की, जिनमें अल्जाइमर के लक्षण नहीं थे।

ये हैं अल्‍जाइमर के शुरूआती संकेत

शोधकर्ताओं के अनुसार, अल्जाइमर (Alzheimer diseases symptoms) की बीमारी में मस्तिष्क के वे हिस्से कमजोर हो जाते हैं जो आपको दिन में जगाए रखते हैं। यही वजह है कि चीजें भूलने की अवस्था के आने से पहले ही अल्जाइमर से पीड़ित लोग दिन में अत्यधिक झपकी लेने लगते हैं।

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यह प्रोटीन है दोषी

इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि दिन में जगाए रखने वाले मस्तिष्क के हिस्से ताउ (Tau) नाम के प्रोटीन से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे यह साबित होता है कि अमाइलॉइड प्रोटीन (Amyloid Protein) के बजाय Tau प्रोटीन अल्जाइमर की बीमारी में बड़ा रोल प्ले करता है। यानी अनिद्रा को जन्म देने वाले मस्तिष्क के हिस्से Tau प्रोटीन की वजह से क्षतिग्रस्त होते हैं।

न लें तनाव

ऐसे कई शोध सामने आए हैं जो बताते हैं कि तनाव ग्रस्‍त रहने वाले लोगों में अल्‍जाइमर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप अल्‍जाइमर से बचना चाहते हैं, तो तनाव से खुद को मुक्‍त रखने की कोशिश करें। स्ट्रेस फ्री लाइफ जिएं और तनाव बिल्कुल भी न लें। हाल ही में एक और स्टडी आई थी जिसमें कहा गया कि तलाक, किसी अपने की मौत या नौकरी खोने जैसे जीवन के तनावपूर्ण अनुभवों के कारण मध्य आयु वर्ग की महिलाओं में याददाश्त की कमी और अल्जाइमर्स रोग का जोखिम बढ़ जाता है।

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