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मुंबई में बरसाती बीमारियों से अब तक गयी 6 लोगों की जान, स्वाइन फ्लू के मामलों में 3 गुना बढ़ोतरी

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक शहर में बरसात में फैलने वाली बीमारियों से 6 लोगों की मृत्यु हो सकी है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 25, 2022 10:24 AM IST

Monsoon Diseases In Mumbai: मुंबई में स्वाइन फ्लू के मामलो में जहां बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है वहीं, मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation)  के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक शहर में बरसात में फैलने वाली बीमारियों (monsoon-related diseases) से 6 लोगों की मृत्यु हो सकी है। इनमें से 2 मरीज स्वाइन फ्लू के और 2 मामले डेंगू के हैं। जबकि लेप्टो  (leptospirosis) और मलेरिया (malaria) से अन्य दो लोगों की मृत्यु हुई है। आंकड़ों के अनुसार,

  • 14 अगस्त के बाद मुंबई में मलेरिया के 97 मामले दर्ज किए गए।
  • वहीं, इसी अवधि में स्वाइन फ्लू के 35 और डेंगू के 32 केसेस दर्ज किए गए।
  • इनके साथ ही अब तक मुंबई में डेंगू के 105 और स्वाइन फ्लू के मरीजों (swine flu cases in Mumbai) के संख्या 163 तक पहुंच गयी है।

डेंगू के ये लक्षण कर रहे हैं परेशान

मानसून डिजिजेज से होने वाली कुल 28 लोगों की मौत के मामलों की जांच करने के लिए एक 6 सदस्यों की टीम का भी गठन किया गया है।  डॉक्टरों के अनुसार, शहर में डेंगू के अलावा मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डेंगू के मरीजों में डिहाइड्रेशन और बुखार जैसे लक्षण दिखायी दे रहे हैं। वहीं, डेंगू से मरने वालों में एक 8 वर्ष की छोटी बच्ची भी शामिल है जिसमें,    बुखार के साथ-साथ पेट दर्द, उल्टी और लूज मोशन जैसे लक्षण देखने को मिले।

स्वाइन फ्लू से 2 लोगों की मृत्यु

11 जुलाई को शहर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत दर्ज की गयी। मृतक एक 42 वर्षीय व्यक्ति था जो अमेरिका और कश्मीर की यात्रा करने के बाद 9 जुलाई को मुंबई आया था। मुंबई पहुंचने के बाद संक्रमण के लक्षण दिखे और 48 घंटों के भीतर उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। वहीं, अंधेरी में रहने वाले एक 44 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु 26 जुलाई को दर्ज की गयी। यह व्यक्ति हाइपरटेंशन और मोटापे जैसी समस्याओं से भी पीड़ित  था।

मलेरिया, डेंगू और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन और डॉक्टरों द्वारा की जा रही है। वहीं, डॉक्टर्स की सलाह है कि  लोग किसी भी प्रकार के  बुखार को नजरअंदाज ना किया जाए और उन्हें वायरल बुखार समझकर खुद से दवाइयां खाने से बचना चाहिए। इसीलिए, बुखार होने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें और जरूरी टेस्ट कराएं।