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दुनियाभर के लगभग 90 देशों में मंकीपॉक्स फैल चुका है। अगर भारत की बात करें तो अब कर इसके 11 मामले सामने आ चुके हैं। उनमें से छह दिल्ली में और पांच केरल में पाए गए हैं। ताजा मामला दिल्ली का है जहां मंकीपॉक्स का छठां मामला सामने आया है। दरअसल, एक 22 वर्षीय अफ्रीकी महिला मंकीपॉक्स पॉजिटिव पाई गई हैं। इस महिला को लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दुनिया भर के कई देशों में लोगों को मंकीपॉक्स के टीके भी लग रहे हैं। लेकिन, टीके को लेकर अब कुछ परेशान करने वाली बात सामने आ रही है। दरअसल, बताया जा रहा है कि मंकीपॉक्स वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स नजर आ रहे हैं।
मंकीपॉक्स एक जूमोटिक वायरस है जिसमें चेचक यानी स्मॉल पॉक्स जैसे कुछ लक्षण नजर आते हैं। इसलिए मंकीपॉक्स संक्रमण को रोकने के लिए दो टीके लगाए जा रहे हैं। ज्यादातर लोगों को JYNNEOS वैक्सीन लगाया जा रहा है, जिसे मंकीपॉक्स और चेचक रोग दोनों को रोकने के लिए अनुमोदित किया गया है। दूसरा है ACAM2000 वैक्सीन, जिसे चेचक का टीका भी कहा जाता है। लेकिन अब बहुत से लोग मंकीपॉक्स के JYNNEOS वैक्सीन के नुकासनों की शिकायत कर रहे हैं। शिकायत के लिए लोग सोशल मीडिया हैंडल का सहारा ले रहे हैं।
मंकीपॉक्स वैक्सीन के नुकसानों को लेकर ज्यादातर शिकायत JYNNEOS वैक्सीन को लेकर है, जिसे चार सप्ताह के अंतराल पर लोगों को लगाया जा रहा है। इसे लगवाने के बाद लोग कई लक्षणों की शिकायत कर रहे हैं। जैसे कि
-शरीर का लाल हो जाना
-शरीर में सूजन
-खुजली और इंजेक्शन वाले स्थान पर त्वचा पर एक सख्त गांठ बन जाना।
इसके अलावा कुछ लोगों को मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, थकान और ठंड लगने जैसे लक्षणों को भी महसूस किया। साथ ही सीडीसी की मानें तो, जिन लोगों को JYNNEOS वैक्सीन के किसी भी तत्व से एलर्जी है, उन्हें भी वैक्सीन लेने के बाद गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया का अधिक खतरा होता है। इंजेक्शन वाली जगह पर कठोर गांठ पड़ सकती है, जिस, इम्यून रिसपोंस भी माना जा रहा है।
इसके अलावा द लैंसेट चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों की तुलना में, बच्चों और उन लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स ज्यादा देखे जा सकते हैं जिसमें बैक्टीरियल सुपरिनफेक्शन, सेप्सिस, केराटाइटिस, श्वसन संबंधी रोगों का खतरा है। ऐसे में यह विस्तार से जानना जरूरी है कि आखिरकार किन लोगों को मंकीपॉक्स का टीका लगवाना चाहिए और किन लोगों को नहीं। साथ ही इसके गंभीर रूप से क्या नुकसान हो सकते हैं।