
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : August 27, 2022 9:25 AM IST
कोरोना महामारी के बाद अब मंकीपॉक्स के कारण लोगों के मन में भय बढ़ता ही जा रहा है। जहां एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता है, वहीं धीरे-धीरे 96 देशों में यह अपने पैर पसार चुका है और इसके लगभग 41 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अगर मामलों में आई तेजी का बात करें तो दुनियाभर में पिछले सिर्फ 10 दिनों में 7477 मामले बढ़ गए हैं। हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 4 हफ्तों में मंकीपॉक्स के मामलों में 21 फीसदी कमी देखी गई है। 1 जनवरी 2022 से अगस्त 2022 तक 41664 दर्ज किए गए हैं। 96 देशों में फैले मंकीपॉक्स से अब तक 112 मौतें भी दर्ज की जा चुकी हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मामलों में अचानक से आई तेजी ने सभी स्वास्थ्य विभागों का ध्यान खींचा है।
पिछले दस दिनों से मंकीपॉक्स के मामले से प्राप्त हुए आंकड़े डरा देने वाले हैं। 10 से 22 अगस्त के बीच ही मंकीपॉक्स के नए मामलों का आंकड़ा लगभग 13 हजार था। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 दिनों में लगभग 50 प्रतिशत मामले बढ़े हैं। ऐसे में कई एक्सपर्ट्स अभी भी यही कह रहे हैं, कि यह बीमारी कोरोना की तरह नहीं फैलती है, लेकिन एहतियात बरतना जरूरी है।
दुनियाभर में अगर सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है, जिसमें पिछले 10 दिनों में यहां लगभग 60 प्रतिशत कोरोना के मामले बढ़े हैं। इसके बाद यूरोप है जहां 38 प्रतिशत मामलों में वृद्धि हुई है। पिछले दस दिनों में मंकीपॉक्स से जो देश प्रभावित हुए हैं उनमें स्पेन, जर्मनी, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, कनाडा, नीदरलैंड्स और पुर्तगाल भी शामिल हैं।
हालांकि, लगभग 15 देश ऐसे भी हैं जहां पिछले हफ्ते से मंकीपॉक्स का एक भी मामला सामने नहीं आया है। दक्षिण पूर्व एशिया में मंकीपॉक्स से सिर्फ 14 ही मामले हैं। इनमें से 10 मामले भारत में दर्ज किए गए थे। हालांकि, अभी तक भारत का नाम दुनियाभर में मंकीपॉक्स से सबसे कम प्रभावित देशों में से एक रखा गया है।