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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 2, 2022 4:35 PM IST
कोविड जितना नहीं फैलेगा 'मंकीपॉक्स' बस सावधानी की जरूरत! वैज्ञानिकों ने बताई मंकीपॉक्स के न फैलने की वजह
देश के अलग-अलग हिस्सों से मंकीपॉक्स के सामने आते मामलों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मंकीपॉक्स, कोविड जैसा वायरस नहीं है इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। बेंगलुरू स्थित टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक एंड सोसायटी के निदेशक और वैज्ञानिक डॉ. राकेश मिश्रा का कहना है कि मंकीपॉक्स कम संक्रामक है और ये हवा में नहीं फैलता है। मंकीपॉक्स सिर्फ लंबे वक्त तक करीबी संपर्क में आने से फैलता है या फिर स्किन से स्किन के संपर्क और संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ से फैल सकता है।
उन्होंने बताया कि स्मॉलपॉक्स वैक्सीन, मंकीपॉक्स के खतरेको काफी हद तक कम कर सकती है क्योंकि ये वायरस इन बीमारियों से करीबी रूप से जुड़ा हुआ है। मंकीपॉक्स के लिए फिलहाल एफडीए से मंजूरी प्राप्त दो वैक्सीन हैं। यूं तो मंकीपॉक्स के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है लेकिन स्मॉलपॉक्स के लिए एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) के पूर्व निदेशक डॉ. मिश्रा का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन मंकीपॉक्स को इमरजेंसी घोषित करने ही वाला है क्योंकि ये वायरस 75 देशों में फैल चुका है। इस बीमारी के फैलने की वजह ये भी हो सकती है कि इंसान और जानवर पर्यावरण में काफी करीब आ गए हैं और लोग ज्यादा से ज्यादा यात्रा कर रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि सतर्क रहा जाए और मामलों पर नजर रखी जाए ताकि किसी भी वक्त अचानक से मामले सामने न आएं।
वैज्ञानिक ने कहा कि राहत की बात ये है कि जो भी लोग अभी तक संक्रमित पाए गए हैं उनका यात्रा का इतिहास रहा है इसलिए मुझे नहीं लगता कि अभी कोई सामुदायिक स्तर पर वायरस फैलने की बात सामने आई है। हां, बच्चे इस वायरस के प्रति संवेदनशील हैं क्योंकि उन्हें स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन नहीं लगी है। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मी और संक्रमित लोगों की देखभाल में जुटे लोगों को भी खतरा है।
डॉ. मिश्रा का कहना है कि वैसे अभी तक बुजुर्ग इस वायरस से सुरक्षित देखे जा रहे हैं।
बात करें दुनियाभर में इसके मामलों की तो अभी तक 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और पांच लोगों की मौत अफ्रीका और ब्राजील व स्पेन में एक-एक मौत दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन की जरूरत नहीं है।