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Written By: Jitendra Gupta | Updated : July 15, 2022 1:14 PM IST
40 देशों के बाद भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला! जानें अब तक किस देश में सबसे ज्यादा मामले
भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है। यूएई से केरल लौटा एक शख्स इस वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उचित स्वास्थ्य उपाय को लागू करने के लिए सभी राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी की। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जार्ज ने पुण के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में इस लक्षण वाले व्यक्ति के सैंपल की पुष्टि होने के बाद इस बात की जानकारी दी।
मंकीपॉक्स, एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आपके चेहरे, मुंह और शरीर के अन्य अंगों जैसे हाथ, पैर, सीने, गुप्तांग और कूल्हे पर मुंहासे या फिर छाले जैसे धब्बे पड़ने लग जाते हैं। इस वायरस से संक्रमित होने पर आपको बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्दऔर पीठ में दर्द जैसे दूसरे लक्षण दिखाई देते हैं।
ये बीमारी वर्षों तक अफ्रीकी क्षेत्रों में पाई गई थी लेकिन अब इसे कई यूरोपीय देशों में भी दर्ज किया जा रहा है, जिसने खतरे की घंटी बजा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस बीमारी से खतरा सामान्य है लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में ये अधिक खतरनाक तरीके से फैल सकती है।
डब्लूएचओ के मुताबिक, जनवरी 2022 से 15 जून 2022 तक करीब 42 देशों में मंकीपॉक्स फैल चुका था लेकिन भारत अभी इस सूची से बाहर है। डब्लूएचओ के पास अभी तक मंकीपॉक्स के 2000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं।
इस बीच भारत में मंकीपॉक्स वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से हवाईअड्डों समेत सभी प्रवेश बिंदुओं पर संदिग्ध मामलों की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा भारत को इस बीमारी के खिलाफ तैयार रहने को भी कहा गया है।
केरल की स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति के सभी सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं और इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि ये देश का पहला मंकीपॉक्स का मामला है। इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक बयान में कहा कि मौजूदा वक्त में चिंता की कोई बात नहीं है और जिस तरीके से कोविड को फैलने से रोका गया था ठीक उसी तरह मंकीपॉक्स पर भी लगाम लगाई जाएगी। विजयन का कहना है कि मरीज में लक्षण दिखाई देने के बाद उसे आइसोलेशन में रखा गया है और जो भी उसके संपर्क में आए थे उनपर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
संक्रमित व्यक्ति कोल्लम जिले का रहने वाला है और ये 12 जुलाई को यूएई से यहां हवाईअड्डे पर उतरा था। उसके सभी करीबियों की पहचान कर ली गई है।