कोलकाता के एक छात्र में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने से देश में हड़कंप, पुष्टि के लिए NIV को भेजी गई रिपोर्ट

Monkeypox India: मंकीपॉक्स को लेकर देश और दुनिया में एक डर का माहौल है। ऐसे में भारत में इस तरह से मंकीपॉक्स के लक्षणों वाले व्यक्ति का मिलना, इस बात का संकेत तो नहीं कि क्या भारत में भी इस वायरस ने दस्तक दे दी है।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : July 9, 2022 9:43 AM IST

Monkeypox in India: मंकीपॉक्स वायरस को लेकर देश और दुनिया में एक डर का माहौल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन लंबे समय इसके लक्षणों को लेकर दुनियाभर के लोगों को सतर्क कर रहा है। ऐसे में भारत में भी इसे लेकर हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच खबर है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में एक छात्र में मंकीपॉक्ल के लक्षण (monkeypox symptoms) मिले हैं। लक्षणों को देखते ही छात्र को आइसोलेट कर दिया गया है और हर तरह से इसकी जांच की जा रही है। डॉक्टरों को शक है कि ये सारे लक्षण मंकीपॉक्स के ही हैं और इसलिए उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कर छात्र की पूरी तरह से जांच की जा रही है।

कुछ दिन पहले एक यूरोपीय देश से लौटा था छात्र

बता दें कि इस छात्र में मंकीपॉक्स होने की बात इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि ये छात्र कुछ दिन पहले एक यूरोपीय देश से लौटा था। ये युवक पश्चिम मिदनापुर का रहने वाला है और अब वो अपने शरीर पर दाने (Rash) और अन्य मंकीपॉक्स के लक्षण महसूस कर रहा है। इसी के बाद उसे कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने उसे आइसोलेट कर दिया है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV, Pune) को भेजी गई है रिपोर्ट

नमूने को पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को जांच के लिए भेजा गया है क्योंकि लक्षण अभी संदिग्ध हैं। अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। मरीज को आइसोलेशन में रखा गया है। उनके घर के लोगों को भी पश्चिम बंगाल का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल स्थानीय स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। राज्य में यह पहला मौका है जब किसी संदिग्ध व्यक्ति के मंकी पॉक्स का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पुष्टि की है कि दुनिया भर में मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या में साप्ताहिक 75 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, वर्तमान संख्या 6,000 है। दक्षिण अफ्रीका के क्षेत्रों में उत्पन्न, मंकीपॉक्स अब दुनिया के विभिन्न हिस्सों से रिपोर्ट किए गए संक्रमणों के साथ एक वैश्विक स्वास्थ्य खतरा बन गया है। वहीं, सबसे ज्यादा मंकीपॉक्स के मामले यूरोप और अफ्रीका से सामने आए हैं। इसलिए डब्ल्यूएचओ ने व्यापक चिंता व्यक्त की है और कहा है कि जबकि 80 प्रतिशत से अधिक मामले अकेले यूरोप से है। इसलिए भारत को भी यूरोपीय देशों की यात्रा करने वाले लोगों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।