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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 24, 2022 9:33 AM IST
मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox) को लेकर पूरी दुनिया में इस समय अलग ही चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो, अब तक 12 देशों में कम से कम 92 मंकीपॉक्स वायरस के मामले मिले हैं और 28 संदिग्ध मामले हैं। यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका सहित कई देश इसे लेकर अपने यहां एडवाइजरी जारी कर चुके हैं। अब भारत भी इसे लेकर सतर्क हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। केंद्र ने पहले ही राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को अन्य देशों से सामने आ रहे मंकीपॉक्स के मामलों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने कहा है कि भारत में मंकीपॉक्सका कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अन्य देशों में फैल रहे मामलों को देखते हुए विभाग ने राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। मंत्रायल के सख्त निर्देश दिए हैं कि पिछले 21 दिनों में प्रभावित देशों की यात्रा करने वाले सभी संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इन संदिग्ध मरीजों की जानकारी स्थानीय जिला कार्यालय से तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने भी मंकीपॉक्स को लेकर एडवाइजरी जारी की है। यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हमारे यहां भी ये मामले आ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम सतर्क रहें और राज्य में किसी भी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के मामले नजर आए तो इस पर खास ध्यान दें। इसके अलावा राज्य में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने को भी कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग राजस्थान से जारी एडवाइजरी के मुताबिक यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और खाड़ी देश जैसे दुबई, आबूधाबी और मस्कट जैसे देशों से आने वाले हर यात्री हर सख्त नजर रखी जानी चाहिए । ऐसे यात्रियों को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। साथ ही इन देशों के यात्रियों की स्क्रीनिंग करने और सस्पेक्ट मिलने पर उस व्यक्ति को आईसोलेट करके सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे भिजवाने के लिए कहा है।
इसके अलावा केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने भी राज्य के जिला अधिकारियों को सतर्क रहने और बीमारी के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कहा था।
बता दें कि मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है और इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, मानव-से-मानव में फैल सकता है इसलिए इसके लक्षणों को देखते हुए 21 दिनों में मरीज के संपर्क में आए लोगों की तुरंत पहचान कर उन्हें आइसोलेट करना होगा। आइसोलेशन तब तक खत्म नहीं किया जा सकता जब तक कि संदिग्ध मरीजों के सभी घाव ठीक नहीं हो जाते और त्वचा की एक नई परत नहीं बन जाती और तब तक उसे क्वारंटाइन किया जाना चाहिए।