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मंकीपॉक्स को लेकर भारत सरकार सख्त, कहा-एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर रखें नजर और लक्षण वाले लोगों को करें आइसोलेट

Monkeypox Virus: मंकीपॉक्स वायरस तेजी से दूसरे देशों में फैल रहा है। ऐसी स्थिति में सीडीसी (CDC) और डब्ल्यूएचओ (WHO) ने तमाम देशों को सतर्क रहने को कहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने इसे लेकर कुछ सख्त निर्देश दिए हैं।

मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) अब तक कुल 19 देशों में फैल चुका है और धीमे-धीमे तमाम हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन सतर्क हो गए हैं। हालांकि, भारत में अभी तक इस वायरस से बचा हुआ है और आगे भी इससे बचा रहे इसलिए भारत सरकार अब सख्त हो गई है। भारत सरकार ने मंकीपॉक्स वायरस को लेकर सख्त दिशा निर्देश दिए हैं और बताया है कि किन लोगों को मंकीपॉक्स वायरस को लेकर अत्याधिक सतर्क रहने की जरूरत है। कई देशों में मंकीपॉक्स के मामलों की रिपोर्ट करने के मद्देनजर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे रोगसूचक रोगियों पर नजर रखें, जिन्होंने हाल ही उन इन देशों की यात्रा की है जहां मंकीपॉक्स के मामले हैं। इसके अलावा भी केंद्र सरकार ने अपने निर्देश में कई सारी बातें कही है।

मंकीपॉक्स को लेकर भारत सरकार सख्त निर्देश-Centre advisory on Monkeypox

1. हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर रखें सख्त नजर

स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर स्वास्थ्य अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने को कहा है। मंत्रालय का सख्त निर्देश ये हैं कि मंकीपॉक्स प्रभावित देशों से हर आवाजाही पर रखें सख्त नजर।

2. संक्रमित देशों से आने-जाने वाले यात्रियों पर रखें नजर

संक्रमित देशों जहां मंकीपॉक्स के मरीज हैं जैसे कि ब्रिटेन, इटली, पुर्तगाल, स्पेन, कनाडा और अमेरिका से आने या जाने वाले लोगों पर खास नजर रखने को कहा गया है। ताकि, एक भी मामला नजर आए तो तुरंत पकड़ में आ जाए।

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3. लक्षण वाले लोगों को बिना देरी आइसोलेट करें

केंद्र सरकार ने दिशा निर्देश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण नजर आए तो, उन्हें तुंरत ही आइसोलेट किया जाए। बता दें कि इनक्यूबेशन अवधि आमतौर पर 7-14 दिनों की होती है, लेकिन 5-21 दिनों तक हो सकती है और उस दौरान ज्यादातर कोई लक्षण नहीं होते हैं। इसका उद्देश्य उन व्यक्तियों का पता लगाना है जो लक्षणों की कमी के कारण हवाई अड्डे पर स्क्रीनिंग के दौरान छूट गए थे।

इसके अलावा विशेष रूप से, स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के सहयोग से, मंकीपॉक्स के उपचार और रोकथाम के लिए व्यापक दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। हालांकि, भारत में अब तक केवल एक ही मामला है, कनाडा का एक यात्री, जिसमें मंकीपॉक्स संक्रमण के लक्षण हैं, जिसे पहले से ही आइसोलेट कर दिया गया। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में किए गए परीक्षण के बाद यात्री से एकत्र किए गए नमूने संक्रमण के लिए निगेटिव निकला और इस तरह भारत में अभी मंकीपॉक्स का एक भी मरीज नहीं है।

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