WHO ने मंकीपॉक्स वायरस और उसके वेरिएंट्स को दिया नया नाम,अब इन नामों से पहचाना जाएगा Monkeypox

मंकीपॉक्स वायरस का नाम तब रखा गया था, जब इसे पहली बार 1958 में खोजा गया था। प्रमुख प्रकारों की पहचान उन भौगोलिक क्षेत्रों द्वारा की गई थी, जहां इसका प्रकोप फैला था।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 13, 2022 12:12 PM IST

Monkeypox Virus New Names: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने मंकीपॉक्स वायरस के वेरिएंट के लिए नए नामों की घोषणा की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से एक बयान में कहा गया कि, किसी भी संस्कृति या समाज से जुड़े लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और  सामाजिक अपराधों से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, WHO द्वारा विश्वभर के एक्सपर्ट्स की एक मीटिंग बुलायी गयी जिसमें मंकीपॉक्स वेरिएंट्स के नए नामों पर फैसला लिया गया है। (Monkeypox Virus New Names In Hindi.)

मिली जानकारी के अनुसार, एक्सपर्ट्स द्वारा अब मध्य अफ्रीका में पूर्व कांगो बेसिन क्लैड (प्रकारों का समूह) को क्लैड क (Clad K) और पूर्व पश्चिम अफ्रीकी क्लैड को क्लैड-2 (Clad-2)  के रूप में संदर्भित करेंगे। वहीं, उत्तरार्ध में दो उप-वर्ग शामिल हैं, क्लैड-2एबी और क्लैड-2एबी, जिनमें से क्लैड-2एबी 2022 के प्रकोप के दौरान संक्रामण वेरिएंट का मुख्य समूह था।

वायरस अब इन नामों से पहचाना जाएगा

वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि क्लैड के लिए इन नए नामों का इस्तेमाल अब तुरंत शुरु किया जाना चाहिए। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि, अब जो भी नये वायरस पहचाने में आएंगे या उनसे संबंधित बीमारियों और वायरस के नये स्ट्रेन को अब ऐसे नाम दिए जाने चाहिए जो किसी भी सांस्कृतिक, सामाजिक, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, पेशेवर या जातीय समूह से जुड़े हुए ना हों या उनके सम्मान और पहचान को चोट ना पहुंचाएं। इन नामों की वजह से किसी क्षेत्र या समाज के लोगों को व्यापार, यात्रा, पर्यटन या पशु कल्याण जैसे विषयों से जुड़ा नुकसान ना हो और किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव इन चीजों पर ना पड़े।

बता दें कि, मंकीपॉक्स वायरस का नामकरण तब किया गया था, जब पहली बार इसे 1958 में खोजा गया था। तब वायरस के प्रमुख स्ट्रेन्स और वेरिएंट्स की पहचान उन भौगोलिक क्षेत्रों द्वारा की गई थी, जहां इसका प्रकोप फैला था और उन स्थानों के आधार पर वेरिएंट्स को नाम दिए गए थे। (Monkeypox Virus New Names)

वहीं, WHO ने जुलाई 2022 के अंत में आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि वर्तमान में मंकीपॉक्स का प्रकोप कई देशों में देखा जा रहा है और यह एक अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय और एक सार्वजनिक हेल्थ इमरजेंसी बन चुकी है। बुधवार को जारी WHO की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 89 देशों में मंकीपॉक्स के मामले पाए गए हैं और अब तक इस संक्रमण से  11 लोगों की मौत हो चुकी है।

(आईएएनएस)

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