Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
हार्ट अटैक एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को परेशान कर सकती है और जानलेवा साबित हो सकती है। ये एक ऐसी दिक्कत है, जो किसी भी दिन और किसी भी वक्त हो सकती है। लेकिन एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि ज्यादातर गंभीर रूप से हार्ट अटैक सप्ताह के दूसरे दिन के मुकाबले सिर्फ सोमवार को होते हैं। ब्रिटिश कार्डियोवास्कुलर सोसायटी में प्रस्तुत इस स्टडी के निष्कर्ष में ये खुलासा हुआ है। इस स्टडी को आयरलैंड के बेलफास्ट हेल्थ और सोशल केयर ट्रस्ट और रोयल कॉलेज ऑफ सर्जन के डॉक्टर्स ने मिलकर किया है। इस स्टडी में 20000 से ज्यादा मरीजों का डेटा शामिल है।
वैज्ञानिकों ने मरीजों में हार्ट अटैक के सबसे गंभीर प्रकार यानि एसटी-सेगमेंट एलीवेशन मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन (STEMI) का पता लगाया है। जब इस स्टडी को देखा गया तो पाया कि STEMI हार्ट अटैककी दर सोमवार को दूसरे दिन के मुकाबले सबसे ज्यादा होती है। इस स्थिति में दिल की सबसे बड़ी धमनी पूरी तरह से बंद हो जाती है, जिसकी वजह से दिल तक ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई रुक जाती है।
बेलफास्ट हेल्थ एंड सोशल केयर ट्रस्ट के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के बदलाव के पीछे असल कारण क्या है ये अभी तक पता नहीं है लेकिन हमें लगता है कि सर्केडियन रिदम के साथ कुछ ऐसा है, जो हार्मोन के वितरण को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक हो सकता है। पिछले अध्ययनों में सर्दी और तड़के होने वाले बदलावों को देखा गया था।
सोमवार को हार्ट अटैक के ज्यादा मामलों के पीछे की वजह काम पर लौटने से जुड़ा दबाव शामिल है। बहुत ज्यादा स्ट्रेस कोर्टिसोल हार्मोन के लेवल को बढ़ा देता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
STEMI के दौरान दिल तक जाने वाली मुख्य धमनी में पूरी तरह से ब्लॉकेज हो जाती है, जिसकी वजह से वेंट्रिकल की मांसपेशियां खत्म यानि मरने लगती हैं। जब मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं, तो दिल के लिए जरूरी काम करना मुश्किल हो जाता है और अचानक से दिल की धड़कन कम होना शुरू हो जाती है।
STEMI को हार्ट अटैक के सबसे महत्वपूर्ण प्रकार में से एक माना जाता है क्योंकि इसमें फेफड़ों तक खून पंप करने वाले हार्ट के चैंबर्स की मांसपेशियां बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिसकी वजह से शरीर के दूसरे अंगों तक खून नहीं पहुंच पाता है। चूंकि दिल की मांसपेशियां दोबारा से ठीक नहीं हो सकती इसलिये ये स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।