Molnupiravir: कोविड-19 को 24 घंटे में खत्म कर सकती है यह नयी दवा, जानें क्यों कर रहे हैं वैज्ञानिक इस बात का दावा

हाल ही में वैज्ञानिकों की एक टीम ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसी दवा मिल चुकी है जो , संक्रमिक व्यक्ति के शरीर से 24 घंटों में कोरोना वायरस खत्म कर देता है। इस दवा का नाम मोल्नूपीराविर (Molnupiravir) रखा गया है। इस दवाई का निर्माण फार्मास्यूटिकल कंपनी मार्क और रिजबैंक एक-दूसरे के साथ मिलकर कर रही हैं। फिलहाल इस दवाई का सार्स-सीओवी-2 (SARS-COV-2) इंफेक्शन के खिलाफ  दूसरे और तीसरे लेवल के क्लिनिकल ट्रायल्स चल रहे हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : December 10, 2020 11:16 AM IST

Molnupiravir: कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) बनाने के कार्य में जुटे हुए हैं। जिन देशों में कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली गयी है, वहां इसके विभिन्न स्तर पर कठोर परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि टीके को सुरक्षित और असरदार बनाया जा सके। वहीं, दूसरी तरह  अन्य प्रकार की दवाइयों की भी खोज चल रही है जो इस जानलेवा संक्रमण के इलाज में कारगर सिद्ध हों। (Covid-19 Treatment)

हाल ही में वैज्ञानिकों की एक टीम ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसी दवा मिल चुकी है जो , संक्रमिक व्यक्ति के शरीर से 24 घंटों में कोरोना वायरस खत्म कर देता है। इस दवा का नाम मोल्नूपीराविर (Molnupiravir) रखा गया है। इस दवाई का निर्माण फार्मास्यूटिकल कंपनी मार्क और रिजबैंक एक-दूसरे के साथ मिलकर कर रही हैं। फिलहाल इस दवाई का सार्स-सीओवी-2 (SARS-COV-2) इंफेक्शन के खिलाफ  दूसरे और तीसरे लेवल के क्लिनिकल ट्रायल्स चल रहे हैं।

क्या मिल गयी कोरोना का खात्मा करने वाली दवाई ?

अमेरिका में जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर बायोमेडिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि सार्स-सीओवी-2 संक्रमण का इलाज में एक नयी एंटी-वायरल दवा मोल्नूपीराविर (Molnupiravir) बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है। शोधकर्ताओं ने ऐसा  दावा किया  है कि यह दवा कोरोना संक्रमण के खिलाफ बहुत असरदार है और यह 24 घंटे के भीतर वायरस पूरी तरह से खत्म हो जाता है।

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रिचर्ड प्लेंपर के नेतृत्व में समूह ने मूल रूप से पता लगाया कि दवा इन्फ्लूएंजा वायरस के खिलाफ शक्तिशाली है।

रिसर्च के लेखक रिचर्ड प्लेंपर के अनुसार, कोरोना के इलाज के लिए खायी जाने वाली गोलियों के तौर पर यह पहली दवा है और कोरोना के इलाज में यह गेम-चेंजर साबित हो सकती है। रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों कहा, "चूंकि यह दवा सामान्य रूप से ही खायी जा सकती  है, इसलिए इसके फायदे भी अन्य दवाइयों की तुलना में 3 गुना तेज़ी से देखने को मिलते हैं। मरीज के लक्षणों को देखते हुए यह दवा इस्तेमाल में लायी जा सकती है।"

24 घंटे के भीतर वायरस पूरी तरह से खत्म करने का दावा

वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि,  इस ओरल मेडिसिन का प्रदर्शन अच्छा है और यह तेजी से सार्स-सीओवी-2 ट्रांसमिशन को ब्लॉक करने का काम करती है। बड़े पैमाने पर टीकाकरण उपलब्ध होने तक कोविड-19 का व्यापक सामुदायिक प्रसारण बाधित करना कोविड-19 के प्रबंधन के लिए सर्वोपरि है और यह महामारी के भयावह परिणामों को कम करता है।

प्लेंपर ने कहा कि शुरुआती शोध में इस दवा को इंफ्लूएंजा जैसे जानलेवा फ्लू को खत्म करने में असरदार पाया गया था, जिसके बाद कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए इस पर शोध किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने कुछ जानवरों को पहले कोरोना से संक्रमित किया और उसके बाद जैसे ही उन जानवरों ने नाक से वायरस को छोड़ना शुरू किया, उन्हें तुरंत मोल्नूपीराविर दवा दी गई।

मोल्नूपीराविर दवा देने के बाद संक्रमित जानवरों को स्वस्थ जानवरों के साथ एक ही पिंजरे में रखा गया, ताकि यह देखा जा सके कि उनमें संक्रमण फैलता है या नहीं। रिसर्च के सह लेखक जोसफ वुल्फ ने बताया कि शोध के दौरान यह पाया गया कि संक्रमित जानवरों से स्वस्थ जानवरों में संक्रमण नहीं फैला। उनका कहना है कि इस दवा का इस्तेमाल अगर संक्रमित मरीजों पर किया जाता है तो महज 24 घंटे में ही मरीज के शरीर से संक्रमण खत्म हो जाएगा।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) जल्द ही दवा के लिए मानव नैदानिक परीक्षण करने पर निर्णय लेगा।