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लंबे समय के बाद कोरोना वायरस से संबंधित एक खुशखबरी आई है। वर्तमान में दुनिया का हर देश कोरोना वैक्सीन की ओर आंखें गढ़ाए बैठा है लेकिन सफलता अमेरिका के हाथ लगी है। दरअसल, अमेरिका में सोमवार से लोगों को मॉडर्ना (Moderna) की कोरोना वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। फाइजर (Pfizer) के बाद मॉडर्ना ऐसी दूसरी कंपनी है जिसे टीका लगाने की मंजूरी मिली है। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने फाइजर के बाद मॉडर्ना की वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
अमेरिका कोरोना से प्रभावित होने वाला ऐसा पहला देश है जहां कोरोना ने सबसे ज्यादा आतंक मचाया है। अमेरिका में कोरोना से अब तक 3 लाख लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हर दिन करीब 3 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका में सोमवार से ही स्वास्थ्य कर्मियों को मॉडर्ना की एमआरएनए (mRNA) वैक्सीन के टीके लगने शुरू हो जाएंगे। बता दें कि अमेरिका में एक हफ्ते पहले फाइजर कंपनी की वैक्सीन के टीके लगने शुरू हुए थे। लेकिन फाइजर की वैक्सीन के साथ समस्या ये आई कि उसे -70 डिग्री सेल्सियम पर स्टोर किया जाना अनिवार्य है, जबकि मॉडर्ना की वैक्सीन के लिए -20 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए होता है।
मॉर्डना वैक्सीन को मॉडर्ना इंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने विकसित किया है। इस वैक्सीन को 18 साल और बुजुर्ग अमेरिकियों के लिए आपातकालीन उपयोग के तौर पर मंजूरी दी गई है। एक हफ्ते पहले ही यूएसए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने फाइजर और उसके जर्मन पार्टनर बायोएनटेक के वैक्सीन को मंजूरी दी थी। उम्मीद है कि 2021 के पहले 3 हफ्तों में मॉडर्ना के 8.5 करोड़ से 10 करोड़ डोज अमेरिका में उपलब्ध हो जाएंगे।
अमेरिकी सरकार ने मॉडर्ना को 20 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है। सर्दियों के कारण देश में मामलों और मौतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। यहां रोजाना रिकॉर्ड 3000 मौतें हो रही हैं। एक साल पहले चीन में पैदा हुए इस वायरस ने 11 महीनों में 3,12,000 अमेरिकियों को मौत की नींद सुला दिया है। वहीं अमेरिका में रोजाना औसतन 2,16,000 से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं।
फिलहाल फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन हेल्थकेयर वर्कर्स और नर्सिंग होम में रहने वाले लोगों को दी जा रही है। अब मॉडर्ना के वैक्सीन को दुनिया में पहला अप्रूवल अमेरिका एफडीए ने दिया है। वहीं फाइजर को अमेरिका से पहले ब्रिटेन और कनाडा ने मंजूरी दे दी थी। मॉडर्ना वैक्सीन अध्ययन में 94 प्रतिशत प्रभावी साबित हुआ है।
अमेरिका में 5.3 करोड़ बुजुर्ग हैं, जिन्हें पहले चरण में वैक्सीन देने के लिए श्रेणी में रखा गया है। वहीं अब तक हुई मौतों में 40 फीसदी मौतें केवल नसिर्ंग होम में हुईं हैं। वहीं देश में 10 करोड़ लोग अन्य बीमारियों के कारण जोखिम में हैं, जिन्हें कोविड के कारण बड़ा खतरा हो सकता है। इस बीच अमेरिकी उप-राष्ट्रपति माइक पेंस, उनकी पत्नी केरन पेंस और सर्जन जनरल जेरोम एडम्स ने वैक्सीन के प्रति अमेरिकियों में भरोसा जगाने के लिए शुक्रवार को टीवी पर लाइव होकर फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन डोज लिया।