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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 2, 2021 11:29 AM IST
वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं मिल रही? एक्सपर्ट्स के सुझाए इस तरीके से खत्म हो सकती है वैक्सीन की किल्लत, 18 साल वाले ध्यान दें
Mixing covid vaccines is effective in hindi : 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए शुरू हुए वैक्सीनेशन प्रोग्राम में वैक्सीन की किल्ल किसी से छिपी नहीं है, जिसके बाद दो अलग-अलग वैक्सीन के डोज लेने, वैक्सीन मिक्स करने से सुरक्षा की भावना जैसे सवाल लोगों के मन में आ रहे हैं। हालांकि भारत सरकार पहले ही ये साफ कर चुकी है कि जब तक वैज्ञानिक वैक्सीन को मिक्स करने के पक्ष में फैसला नहीं दे देते हैं तब तक वहीं प्रोटोकॉल जारी रहेगा। संभावना है कि ये ट्रायल अगर सफल रहते हैं तो एक ही वैक्सीन लेने का पंगा खत्म हो जाएगा।
मौजूदा वक्त में कोविड-19 की सभी वैक्सीन, जो अप्रूव्ड हैं, वो दो डोज वाली हैं सिवाए जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के। होता यूं है कि इन वैक्सीन की पहली डोज से हमारा इम्यून सिस्टम वायरस को पहचानने की कोशिश करता है जबकि दूसरी डोज उसी पहचान को और बढ़ाकर सुरक्षा बढ़ाने में मदद करता है। क्या आप जानते हैं कि दो अलग-अलग वैक्सीन को मिक्स करने को 'हेटरोलॉगस प्राइम-बूस्ट' कहा जाता है।
कोविशील्ड और कोवैक्सीन दो डोज वाली वैक्सीन है जबकि रूस की Sputnik V वैक्सीन एक 'कॉम्बिनेशन' वैक्सीन है। पहली वैक्सीन की डोज में आम सर्दी-जुकाम का कारण बनने वाला एडेनोवायरस (Ad26) यूज किया जाता है, जो स्पाइक प्रोटीन्स बनाने का काम करता है। वहीं दूसरी डोज में अन्य तरह के एडेनोवायरस (Ad5) बिना इम्यून सिस्टम के हमले का सामना किए Ad26 को पहचानता है। बता दें कि Sputnik V का एफेकसी रेट 91.6% है।
हाल ही में चूहों पर हुए कुछ अध्ययनों में ये पाया गया है कि वैक्सीन को मिक्स करने से इम्यून बेहतर तरीके से रिस्पांस करता है। हालांकि ो इंसानों पर ये ट्रायल अभी नहीं हुआ है।
ब्रिटेन के ऑक्सफर्ड वैक्सीन ग्रुप द्वारा किए गए एक ट्रायल में 50 और इससे ऊपर के करीब 800 लोग शामिन किया गया, जिसमें पहली डोज फाइजर या कोविशील्ड और दूसरी डोज मॉडर्ना या नोवावैक्स की दी गई। 'द लैंसेट' में छपे नतीजे ये बताते हैं कि कोविशील्ड और फाइजर का कॉम्बिनेशन शरीर में मजबूत रिएक्शन देता है, जिसके बाद बुखार, इंजेक्शन की जगह पर दर्द और सिरदर्द होता है लेकिन ये साइड-इफेक्ट गंभीर नहीं होते हैं और थोड़ी देर में ही खत्म हो जाता है।
हालांकि अभी दोनों टीकों को मिक्स करने से इसकी सटीकता कितनी है, इसका अभी नतीजा सामने नहीं आया है।
ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने 'असाधारण स्थितियों' में दो वैक्सीन को मिक्स करने की इजाजत दी हुई है। इन देशों में कई ट्रायल्स (अधिकतर बुजुर्गों पर) चल रहे हैं। वहीं अमेरिका ने हालात को देखते हुए वैक्सीन मिक्स न करने की चेतावनी जारी कर रखी है।