
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 12, 2023 5:27 PM IST
Deaths due to cardiovascular diseases: सीवीडी (Global death counts due to Cardiovascular diseases) की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 मे 19.8 मिलियन लोगों की मौत कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों यानि हदय रोगों की वजह से हो गयी। इस स्टडी के आंकड़ें चिंताजनक हैं और इनकी वजह से हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के खतरे के प्रति सचेत भी कर रहे हैं।
जर्नल ऑफ दि अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (Journal of the American College of Cardiology ) में प्रकाशित इस स्टडी रिपोर्ट (The new Global Burden of Disease special report )में 1990 से 2022 के बीच कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के कारण वैश्विक और क्षेत्रिय स्तर पर होने वाली मौतों और अन्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इस स्टडी में कहा गया है कि कई लाख लोगों की मृत्यु समय से पहले ही हो गयी और इसका कारण हृदय रोग हैं। हर साल यह आंकडें खतरनाक स्तर से आगे भी बढ़ रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार लोगों में बढ़ते हृदय रोगों के कई कारण हैं जिनमें, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल (high cholesterol), खान-पान से जुड़ी गलतियां ( dietary risks), हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) और वायु प्रदूषण (air pollution) जैसे कारण प्रमुख हैं। एशिया, यूरोप, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट देशों में कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों की वजह से मृत्युदर सबसे अधिक दर्ज की गयी।
जैसा कि लाइफस्टाइल और पर्यावरण से जुड़ी कई बातें हार्ट डिजिजेज का खतरा बढ़ाती हैं। ऐसे में आपको इन रिस्क फैक्टर्स से बचना चाहिए। कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ बेहतर रखने और हृदय को बीमारियों से बचाने के लिए ये उपाय अपनाए जा सकते हैं-
अपने रोजमर्रा के खान-पान में हेल्दी, पौष्टिक और मौसमी फूड्स शामिल करें। ताजी सब्जियां, सीजनल फ्रूट्स, साबुत अनाज शामिल करें। इसके अलावा हेल्दी प्रोटीन, लीन प्रोटीन और मिलेट्स का सेवन करें।
मोटापा और बेली फैट कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। इसीलिए अगर आपका वजन अधिक है तो उसे घटाएं और हेल्दी वेट मेंटेन करें।
एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना 30-45 मिनट कसरत करने से वेट मेंटेन करने और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। इसीलिए, रोजाना सुबह और शाम थोड़ी देर कसरत करें।
तनाव या स्ट्रेस को मैनेज करें। तनाव हार्ट को नुकसान पहुंचाता है जिससे एंग्जायटी बढ़ती है। तनाव को कंट्रोल करने के लिए योग, ध्यान और लॉफ्टर थेरेपी जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं।
अपने हार्ट की हेल्थ पर नजर रखने के लिए रेग्यूलर हेल्थ चेकअप कराएं। लिपिड लेपल, कोलेस्ट्रॉल लेवल और बीपी लेवल को कंट्रोल में रखने के लिहाज से भी रेग्यूलर हेल्थ चेकअप्स मददगार हैं।
इसके साथ ही सिगरेट पीने और धूम्रपान की आदत से बचें।
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