
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 14, 2018 12:46 PM IST
मीटू अभियान की शुुरुआत 2017 में हुई थी। © Shutterstock
अभिनेत्री और सांसद किरण खेर का कहना है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए हर संस्थान को विशाखा गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी है।
'मी टू' अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण खेर ने कहा, "यह सिर्फ फिल्म उद्योग में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो रहा है। इस तरह की चीजें मीडिया हाउसेज, कॉरपोरेट ऑफिसेज, स्कूल- कॉलेज, गांवों और शहरों में हो रही हैं।"
उन्होंने कहा, "विशाखा गाइडलाइंस नामक एक कानून है। इसे हर संस्थान में लागू करना जरूरी है, फिर चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री हो या कोई ऑफिस। हर प्रोडक्शन हाउस को इसका पालन करना चाहिए।"
क्या है विशाखा गाइडलाइंस?
वर्ष 1997 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “विशाखा बनाम राजस्थान राज्य” मामले में जारी किये गए दिशा-निर्देशों ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में बहुत अहम भूमिका निभाई| ‘विशाखा बनाम राजस्थान राज्य’ मामले में फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ‘ऐसा कोई भी अप्रिय हाव-भाव, व्यवहार, शब्द या कोई पहल जो यौन प्रकृति की हो, उसे यौन उत्पीड़न माना जाएगा|
अपने इस निर्णय में न्यायालय ने एक अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि ‘दि कन्वेंशन ऑन दि एलिमिनेशन ऑफ ऑल फॉर्म्स ऑफ डिस्क्रिमिनेशन अगेंस्ट वुमन’ (सीएडीएडब्ल्यू) का संदर्भ लेते हुए कार्यस्थलों पर महिला कर्मियों की सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए कुछ दिशा-निर्देश जारी किये जिन्हें विशाखा दिशा-निर्देश के नाम से जाना जाता है| ये इस प्रकार हैं: