
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 27, 2020 11:01 AM IST
लोगों से मिलने-झुलने से दूर होता है मानसिक तनाव, और भी मिलते हैं कई लाभ : रिसर्च
लोगों के साथ मिलना झुलना न सिर्फ सामाजिक होने का एक सबूत है बल्कि यह आपको स्वस्थ रखने में भी एक बड़ी भूमिका निभाता है। जब भी कोई व्यक्ति समय मिलने पर लोगों से मिलता झुलता है तो उनका स्ट्रेस लेवल कम होता है और वह मानसिक रूप से मजबूत होता है। लेकिन इस कोरोना महामारी के चलते लोग घर में रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। वह चाह कर भी घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सिर्फ दूर दराज के लोग ही नहीं बल्कि कोरोना वायरस ने तो दोस्तों, घर के सदस्यों, पड़ोसी और ऑफिस कलीग्स तक से मिलना दूभर कर दिया है। जिसका खामियाजा लोगों को मानसिक रोगों की चपेट में आकर भुगतना पड़ रहा है। रिसर्च बताती है कि जब से कोरोना महामारी आई है तक से काफी लोगों में मानसिक रोग के लक्षण दिख रहे हैं।
अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकेट्री में प्रकाशित एक अध्ययन में लोगों की आदतों और व्यवहार के पैटर्न पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि लोग तेजी से मानसिक रोगों का शिकार हो रहे हैं, खासकर डिप्रेशन का। अध्ययन में यह पाया गया है कि सामाजिक संबंध बनाए रखना और नियमित रूप से दोस्तों, ऑफिस कलीग्स और रिश्तेदारों से मिलना, वास्तव में डिप्रेशन के जोखिम को कम कर सकता है, और मूड को भी पॉजीटिव करता है। जब हम लोगों से मिलते हैं तो सुकून, पॉजीविटी और एनर्जी फील करते हैं। जबकि लंबे से घर पर अकेले बैठकर इंसान न सिर्फ नकारात्मक हो रहा है बल्कि कई मानसिक रोगों की चपेट में भी आ रहा है।
1. क्योंकि आजकल आप घर पर ही है, इसलिए योगा के लिए समय निकाल सकते हैं। नियमित रूप से करीब 15 मिनट योगा करें। इसके आप अनुलोम विलोम, भुजंगासन, बालासन, मर्जरियासन और शवासन आदि कर सकते हैं। इनसे मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को शांत करने में मदद मिलती है, जिससे आपको आराम मिलता है।
2. जब आप कुछ रचनात्मक करते हैं तो आपके माइंड कई हैप्पी हॉर्मोन्स रिलीज करता है। अगर आपको डांस, पेंटिंग, सिंगिंग या क्रॉफ्ट किसी में भी शौक है तो इसे जरूर करें। इससे आपका ध्यान भटकता है और मन को शान्ति और आनंद मिलता है।
3. जब आप ईमानदारी से काम करेंगे तो आपका तनाव कम होता है। कुछ लोगों को लगता है कि वो बेमन से काम करने से तनाव नहीं होगा, जबकि ऐसा नहीं है। इसलिए अपने काम के प्रति पूरी इमानदारी रखें और अपने काम को पूरी तन्मयता से करें।
4. कोशिश करें कि एक समय में सिर्फ एक ही काम करें। कुछ लोगों को लगता है कि वो मल्टीटॉस्किंग हैं और कई कामों को एक समय में करने की क्षमता रखते हैं। लेकिन यह तरीका आपको बीमार करता है। क्योंकि इंसान का शरीर और दिमाग एक समय एक ही काम को फोकस कर सकता है।
5. दूसरों से ज्यादा उम्मीद रखना भी तनाव का एक कारण हो सकता है। इसलिए न ही दूसरों से ज्यादा उम्मीद रखें और न ही खुद परफेक्ट बनने के चक्कर में दूसरों को खुद से उम्मीद रखने दें।