
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 8, 2021 1:13 PM IST
Mental Distress in Women: नर्सों और महिला स्वास्थकर्मियों को कोविड-19 महामारी के दौरान सबसे अधिक मानसिक परेशानियां महसूस हुई हैं। यह दावा किया गया है एक नयी रिसर्च में। यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ शेफिल्ड (University of Sheffield in the UK) द्वारा एक स्टडी आयोजित की गयी। इस स्टडी में कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों ( खासकर महिलाओं) के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े दुष्प्रभावों की समीक्षा की गयी। साथ ही सार्स (SARS), बर्ड फ्लू (Bird Flu), स्वाइन फ्लू (Swine Flu) और इबोला (Ebola) के प्रभावों के बारे में अध्ययन किया गया।
स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने कुछ मानकों के आधार पर अध्ययन किया जैसे, भौगौलिक स्थिति, उम्र, सेक्स, रोजगार या प्रोफेशनल क्षेत्र। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और इंफेक्शन से जुड़े अन्य कारकों पर भी ध्यान दिया गया। स्टडी में 143,000 स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया। साथ ही 139 पुरानी स्टडीज़ को रिव्यू भी किया गया। यह डेटा 2000 से नवंबर 2020 तक का है। स्टडी में पुख्ता सबूत मिले जो,साबित करते हैं कि, महिला होने के कारण नर्सों को कई प्रकार की मानसिक समस्याएं होने की संभावना अधिक होती हैं।
"चूंकि, ये महिलाएं कोविड-19 मरीज़ों को सम्पर्क में अधिक आते हैं। इसीलिए इनमें इंफेक्शन और उससे जुड़ी अन्य बीमारियों की गिरफ्त में आने का डर हमेशा बना रहता है। यह डर चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं की वजह बनता है।" यह कहना है डॉ. फॉसिया सिरॉइस का जो, इस स्टडी की प्रमुखा लेखिका रही हैं। पुरानी स्टडीज़ के डेटा का अध्ययन करने पर पाया गया कि, किसी भी महामारी या इंफेक्शन के फैलने के बाद ज़्यादातर हेल्थवर्कर्स में अगले 3 साल तक इससे जुड़ा तनाव और मानसिक दबाव महसूस होता है। इस स्टडी के परिणामों को
जर्नल फ्रंटियर्स इन साइकाइट्री (journal Frontiers in Psychiatry) में प्रकाशित किया गया।
स्टडी के दौरान कुछ रोचक जानकारियां भी सामने आयीं, जैसे-उम्र का मानसिक परेशानियों का उम्र से कुछ खास लेना-देना नहीं था। यहां तक की कोविड-19 महामारी के दौरान भी उम्र के चलते मानसिक परेशानियों के उपजने से जुड़ी कोई विशेष स्थिति नहीं देखी गयी। हालांकि, कुछ स्टडीज में ऐसा कहा गया कि उम्रदराज़ स्वास्थ्यकर्मियों में मानसिक परेशानियां कम देखने को मिली। लेकिन, कम उम्र के लोगों में शारीरिक स्तर पर स्वस्थ और मज़बूत होने की वजह से इंफेक्शन की चपेट में आने का डर कम था। इसके अलावा, इन युवा स्वास्थ्य कर्मियों को महामारी जैसी स्थितियों से निपटने का तर्जुबा भी कम था। इसीलिए, बाद में ये सारे लोग मानसिक दवाब और तनाव अधिक महसूस कर रहे थे।