कोविड से ठीक होने वालों को हो रही हैं मानसिक परेशानियां, स्टडी में हुआ खुलासा

कुछ समय पहले ही एक स्टडी सामने आयी। जिसमें, बताया गया कि कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों को अब मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्टडी के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 7, 2020 12:44 AM IST

Mental Disorders: कोरोना वायरस महामारी के मामलों पर अभी भी काबू नहीं पाया जा सका है। दुनियाभर के अलग-अलग हिस्सों से कोरोना संक्रमण के मामले रोज़ सामने आ रहे हैं। यह इंफेक्शन बहुत ही तेज़ी से फैल रहा है। वहीं, दूसरी तरफ बहुत से लोग ऐसे हैं जो, कोरोना वायरस से जंग जीतकर दोबारा ज़िंदगी की ओर लौट रहे हैं। लेकिन, वहीं बहुत से लोग ऐसे हैं जो कोविड-19 इंफेक्शन से ठीक होने के बाद भी परेशान हैं। (Mental Disorders among Covid-19 Survivors) दरअसल, कुछ समय पहले ही एक स्टडी सामने आयी। जिसमें, बताया गया कि कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों को अब मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्टडी के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

कोविड-19 से ठीक होने वालों को हो रही हैं मानसिक बीमारियां:

इटली में हुई इस नयी स्टडी में कहा गया कि, कोरोना से संक्रमित होनेवाले सभी लोगों को मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियां हो रही हैँ। बल्कि, यह स्थिति बहुत से ऐसे लोगों में देखी जा रही है, जो कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। इस स्टडी के अनुसार, कोविड-19 इंफेक्शन से ठीक हो चुके लगभग 50 फीसदी से अधिक लोगों को, मानसिक सेहत से जुड़ी परेशानियां और बीमारियां महसूस हो रही हैं।  इस स्टडी का आयोजन इटली के ही एक अस्पताल द्वारा किया गया। मिलान के सैन राफेल हॉस्पिटल द्वारा की गयी इस स्टडी का दावा है कि, कोविड-19 इंफेक्शन के इलाज के लिए इस अस्पताल में भर्ती लोगों में से आधे लोगों में ठीक होने के बाद, मानसिक बीमारियों के लक्षण देखे गए। स्टडी के मुताबिक, कोविड-19 से ठीक होने वालों में ये बीमारियां सबसे अधिक देखी जा रही हैं-

  • बेचैनी या एंग्जायटी
  • नींद की कमी, अनिद्रा और नींद से जुड़ी अन्य समस्याएं
  • डिप्रेशन
  • ओब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर यानि ओसीडी
  • पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर

स्टडी के अनुसार, सबसे अधिक लोगों को नींद से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं। अनिद्रा की परेशानियां झेल रहे लोगों की संख्या लगभग 40 प्रतिशत तक रही। जबकि, बेचैनी या एंग्जायटी से परेशान लोगों की तादाद 42 फीसदी बतायी गयी। तो वहीं, 31 प्रतिशत लोगों में डिप्रेशन के लक्षण देखे गए।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source