मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे : फर्स्ट पीरियड से पहले सिखाएं बेटी को ये हाइजीन टिप्स
मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे : फर्स्ट पीरियड से पहले सिखाएं बेटी को ये हाइजीन टिप्स
पीरियड के दौरान निजी साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी होता है। पहले पीरियड के समय लड़कियां अपनी हाइजीन के प्रति उतनी जागरुक नहीं होती हैं, जिससे उन्हें कई तरह के संक्रमण का खतरा बना रहता है।
Written By: Yogita Yadav | Published : May 28, 2019 2:10 PM IST
मेन्स्ट्रुअल हाइजीन के प्रति सभी को जागरुक करने के उद्देश्य से 28 मई को मेन्स्ट्रुअल हाइजीन डे के तौर पर मनाने का संकल्प लिया गया है। 20 से 30 की उम्र तक पहुंचते महिला अपनी मेन्स्ट्रुअल हाइजीन के प्रति काफी जागरुक हो चुकी होती हैं, पर पहले पीरियड के समय टीनएजर गर्ल्स को यह बताए जाने की जरूरत है। उनके लिए इन मेन्स्ट्रुअल हाइजीन टिप्स को फॉलो करना जरूरी है।
मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बारे में जानना है जरूरी
यह न सोचें कि जब बेटी को पीरियड आएगा तभी आप उसे इस सब के बारे में बताएंगी। बल्कि दस से बारह वर्ष की उम्र के बीच ही लड़कियां प्यूबर्टी के लिए तैयार हो चुकी होती हैं। इस दौरान उन्हें मेन्स्ट्रुअल हाइजीन के बारे में बताना जरूरी होती है। पीरियड शुरू होने से कुछ पहले ही जब प्यूबिक हेयर ग्रोथ होने लगती है, तभी उन्हें मेंस्ट्रुअल हाइजीन से अवगत करवा देना चाहिए।
मेंस्ट्रुअल पीरियड के दौरान अगर हाइजीन न रखी जाए तो कई तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसलिए बिटिया को इसकी जरूरत के बारे में बताएं।
उनके लिए सेनेटरी नैपकीन का इस्तेमाल नई चीज है, इसलिए उन्हें सबसे पहले इसके इस्तेमाल करने का तरीका सिखाएं।
इस्तेमाल के साथ ही उसे संभालना और सही तरीके से डिस्पॉज करना भी जरूरी है। उसे बताएं कि सेनेटरी नैपकिन को हमेशा से कागज में अच्छे से रैप करने के बाद ही डस्टबिन में डालना है।
बिटिया के स्कूल बैग में हमेशा एक एक्स्ट्रा सैनेटरी नैपकिन रखें। इसके साथ ही उसे रैप करने के लिए कागज और लिफाफा रखें। ताकि इस्तेमाल के बाद वह पुराने नैपकिन को डिस्पॉज कर सके।
प्यूबिक हेयर की सफाई पर्सनन हाइजीन के लिए बहुत जरूरी है। इससे बिटिया को अवगत करवाएं।
वेजाइनल एरिया को गुनगुने पानी से धोएं और टॉयलेट पेपर से पोंछकर उसे सुखाएं। वरना गीली जगह पर बैक्टीरिया के पनपने का खतरा ज्यादा रहता है। यह भी पढ़ें – आपकी उदासी की वजह कहीं ये तो नहीं ?
गर्मी में पसीना ज्यादा आता है। जिससे रेशेज हो सकते हैं। रेशेज से बचने के लिए दिन में दो बार अंडरवियर बदलने की सलाह दें।
डॉक्टर्स भी मानते हैं कि हमारे निजी अंग खुद ब खुद साफ हो जाते हैं। इसलिए इन जगहों पर साबुन लगाने की जरूरत नहीं होती। आप चाहें तो महिलाओं के लिए मिलने वाले पर्सनल वॉश प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं।
जब भी वॉशरूम जाएं हाथों को अच्छे हैंडवॉश या साबुन से धोएं। पीरियड में दिन में दो बार नहाना हाइजीन के लिहाज से बेहतर है।
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