
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 10, 2025 12:35 PM IST
Muskan Rastogi Preganacy News: मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले पर पूरे देश की नजर है। यह मामला कोर्ट में है और हत्या के दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। इस बीच एक बड़ी अपडेट आ रही है कि सौरभ राजपूत के मर्डर के आरोप में जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी प्रेगनेंट है और हो सकता है कि वह अपने बच्चे को जन्म भी हिरासत में ही दे। जेल के चीफ मेडिकल ऑफिसर,डॉक्टर अशोक कटारिया (Chief medical officer Dr. Ashok Kataria) ने मुस्कान की प्रेगनेंसी की खबर की पुष्टि की है। मिली जानकारी के अनुसार, अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या (Sourabh Rajput Murder Case) के आरोप में जेल में बंद मुस्कान की प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। वह, मां बनने वाली है। बता दें कि, जेल में आने के बाद सभी महिला कैदियों की मेडिकल जांच की जाती है। इसी जांच के दौरान मुस्कान रस्तोगी को प्रेगनेंट पाया गया। वहीं, अशोक कटारिया ने जानकारी दी कि, जेल प्रशासन की चिट्ठी मिलने के बाद एक विशेष टीम को भेजकर मुस्कान का दोबारा प्रेग्नेंसी टेस्ट (Muskan Rastogi prgnant) किया गया। इस टेस्ट की रिपोर्ट में मुस्कान के प्रेगनेंट होने की पुष्टि की गयी।
मुस्कान की प्रेग्नेंसी रिपोर्ट सामने आने के बाद कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं और लोगों में भी यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है कि जेल में बंद प्रेगनेंट महिला कैदियों की प्रेगनेंसी (Preganacy care in jail) के दौरान देख-रेख कैसे की जाती है और उनके बच्चे का जन्म कहां और कैसे होगा ? दरअसल, जेल में बंद प्रेगनेंट महिलाओं को कुछ विशेष अधिकार (Right of pregnant jail inmates in Indian) भी मिले हैं और उन्हीं अधिकारों के आधार पर प्रेगनेंसी के दौरान इन महिलाओं की मदद की जाती है। आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान महिला कैदियों को भारतीय कानून किस तरह के अधिकार देता है और जेल में बच्चे की डिलिवरी कैसे होती है।
जेल में रेग्यूलर हेल्थ चेकअप के दौरान मुस्कान रस्तोगी का प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है।
साल 2023 में एनसीआरबी (NCRB) की एक रिपोर्ट आयी जिसमें बताया गया कि भारत की कुल जलों में लगभग 23,772 महिला कैदी भी हैं और इनमें से 1537 महिलाएं अपने बच्चों के साथ जेल में रहती हैं। इनमें से 50% से अधिक महिलाओं के बच्चों का जन्म जेल में ही हुआ है। मेरठ कांड (Meerut murder case) में आरोपी मुस्कान की तरह की कई बार गर्भवती महिलाएं भी जेल पहुंच जाती हैं। संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के तहत,
नियमों के अनुसार, जो महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान जेल में रहती हैं उनके बच्चे का जन्म जेल के अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की देखरेख में ही होता है। बच्चे और मां को संक्रमण और बीमारियों से बचाने के लिए, उन्हें बच्चे के जन्म के बाद एक महीने तक विशेष सेल में रखा जाता है। इसी तरह बच्चे और मां के पोषण का ख्याल रखा जाता है और स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें नॉर्मल सेल में वापस भेजा जाता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।