Advertisement

उत्तर प्रदेश में मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान 26 नवम्बर से

केंद्र सरकार ने मीजल्स एवं रूबेला-कॉन्जीनेटल रूबेला सिन्ड्रोम सीआरएस बीमारियों को वर्ष 2020 तक खत्म करने का निर्णय लिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में 26 नवंबर से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।

Written By IANS
Published : October 8, 2018 3:39 PM IST

The vaccination will be done in all government hospitals, schools and health centres. © Shutterstock

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मीजल्स रूबेला वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में चरणबद्ध रूप से शामिल करना तय किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रारम्भ में नौ माह से 15 वर्ष तक के समस्त बच्चों के लिए मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।

किडनी को दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो बचें इन 5 ”एस” से

Advertisement

जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में 26 नवम्बर से चलाया जाना प्रस्तावित है। यह अभियान 5 सप्ताह के लिए चलाया जाएगा, जिसमें प्रथम 2 सप्ताह स्कूल, सरकारी, प्राइवेट, मिशनरी, मदरसे, मांटेसरी इत्यादि आधारित अगले 2 सप्ताह समुदाय आधारित क्षेत्रों एवं अन्तिम 1 सप्ताह छूटे हुए क्षेत्रों में बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान के लिए प्रदेश में 9 माह से 15 वर्ष के लगभग 7.64 करोड़ बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  एस्पिरिन लिवर कैंसर के जोखिम घटाने में मददगार : अध्ययन

जिलाधिकारी ने बताया कि इससे पूर्व देश के 20 राज्यों में यह अभियान चलाकर 9 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेष 21वां राज्य है। जनपद कासगंज में लगभग साढे चार लाख बच्चों का टीकाकरण किया जाना है।

Advertisement

उन्होंने बताया कि मीजल्स यानी खसरा से हम पहले से परिचित हैं लेकिन रूबेला बीमारी से यदि मां ग्रसित हो जाए तो गर्भ में ही बच्चे को विभिन्न बीमारियां घेर लेती हैं। इसमें सुनने-देखने की क्षमता कम होना, दिल में छेद होना, दिमाग और सिर का छोटा होना, विकास बाधित होना जैसी समस्यायें बच्चे में आ जाती हैं। जिससे बचाव के लिए इस अभियान को चलाया जाएगा और माता-पिता को इस टीकाकरण के फायदे समझाते हुए टीकाकरण किया जाएगा।

About the Author

... Read More