Measles Risk during Covid-19:  कोविड-19 के कारण दुनियाभर में बच्चों के लिए बढ़ा खसरे का ख़तरा , नहीं लगाए जा रहे हैं टीके , विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जतायी चिंता

मंगलवार को यूनाइटेड नेशन्स यानि संयुक्त राष्ट्र की तरफ से कहा गया कि टीकाकरण के कार्यक्रम रद्द होने से दुनियाभर में 11.7 करोड़ बच्चों के लिए खसरा (Measles) का खतरा उत्पन्न हो गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने कहा है कि फिलहाल 24 देशों में सुरक्षा कारणों से टीकाकरण का काम रोक दिया है। इनमें से कुछ देशों में खसरा पहले से ही एक बड़ी समस्या के तौर पर बना हुआ है। वैक्सिनेशन रुकने से यह स्थिति और गम्भीर हो सकती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 16, 2020 2:00 PM IST

Measles Risk during Covid-19: कोविड-19 इंफेक्शन महामारी (covid-19 Pandemic)  से सारी दुनिया प्रभावित हुई है। इसके केसेस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, कोविड-19 इंफेक्शन का ख़तरा छोटे बच्चों (Covid-19 risk for children) को अधिक है। इसीलिए, बच्चों को घर से बाहर ना ले जाने की सलाह दी जा रही है। ज़्यादातर देशों में इन दिनों कोरोना वायरस से बचने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गयी है। जिसकी वजह से बच्चों को उनके रूटीन चेकअप्स (जिनमें उनके विकास की जांच की जाती है) और टीकाकरण के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए। इससे बच्चों की सेहत के लिए नये ख़तरे उत्पन्न हो रहे हैं। (Measles Risk during Covid-19)

कोविड-19 के कारण दुनियाभर में बच्चों के लिए बढ़ा खसरे का ख़तरा (Measles Risk during Covid-19):

मंगलवार को यूनाइटेड नेशन्स यानि संयुक्त राष्ट्र की तरफ से कहा गया कि टीकाकरण (Vaccination) के कार्यक्रम रद्द होने से दुनियाभर में 11.7 करोड़ बच्चों के लिए खसरा (Measles) का खतरा उत्पन्न हो गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने कहा है कि फिलहाल 24 देशों में कोरोना से बचने के लिए, सुरक्षा कारणों से टीकाकरण का काम रोक दिया है। इनमें से कुछ देशों में खसरा पहले से ही एक बड़ी समस्या के तौर पर बना हुआ है। वैक्सिनेशन रुकने से यह स्थिति और गम्भीर हो सकती है। यूनाइटेड नेशन्स ने भी अपने ट्वीटर हैंडल पर इस बाबत एक ट्वीट किया।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गैनाइजेश (WHO)  यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण 24 देशों में वैक्सिनेशन यानि टीकाकरण का काम रोक दिया गया है। तो वहीं,  कोरोना वायरस के कारण 13 और देशों में भी वैक्सिनेशन कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला लिया  गया है।

टीकाकरण के कार्यक्रम रद्द करने से बढ़ा खसरे का ख़तरा:

दुनियाभर में खसरा और रूबेला के उन्मूलन में योगदान देने वाली संस्था ‘मीजल्स एंड रूबेला इनिशिएटिव’ (M&RI) ने कहा है कि, कोरोना महामारी के मौजूदा हालात में और इसके बाद भी टीकाकरण के कार्यक्रम को चलाना बहुत ज़रूरी है। फिलहाल वैक्सिनेशन के कार्यक्रम रद्द करने से दुनियाभर के लगभग 11.7 करोड़ बच्चे खसरा की चपेट में आ सकते हैं।’

एम एंड आरआई ने सभी देशों के नेताओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे लोगों तक पहुंचने के लिए असरदार रणनीतियों बनाएं और उन्हें लागू करें। ताकि, ऐसे मुश्किल समय में टीकाकरण जारी रखा जा सके और हर बच्चे की जिंदगी को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सके।

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