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Written By: Yogita Yadav | Published : August 20, 2018 6:15 PM IST
हाल ही में हुए एक शोध में शोधार्थियों ने खुलासा किया है कि आपकी मैथमेटिक्स यानी गणित की कैलकुलेशन बता देगी कि आपका जीवन, सार्वजनिक व्यवहार और आने वाला समय कैसा होने वाला है। इस शोध के परिणामों से वैज्ञानिक इतने आश्वस्त हैं कि वे इसे संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों के इलाज के लिए प्रमुख सहायक के रूप में महसूस कर रहे हैं।
क्या है रिसर्च
वाटरलू विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के मुताबिक, गणित सार्वजनिक स्वास्थ्य कर्मियों को मानव व्यवहार को समझने और प्रभावित करने में मदद कर सकता है। ज्यादातर संक्रामक बीमारियां मानवीय व्यवहार के कारण ही फैलती हैं।
शोधकर्ताओं ने सामाजिक प्रणालियों , उनसे लगाव और बीमारियों के प्रकार का गहन अध्ययन किया। इसमें उन्होंने पाया कि कैसे संक्रामक बीमारियों के लिए सामाजिक प्रतिक्रियाएं असर डालती हैं।
पहले से ही बीमारी के प्रकोप और विकास के लिए उपयोग किए जाने वाले मॉडलों के लिए एक्टिव सोशल इंटरैक्शन को शामिल कर शोधकर्ता यह उम्मीद कर रहे हैं कि वह यह जान सकेंगे कि कैसे एक तय गतिविधि या आदत रोगजनक तनाव पैदा करती है। रोग मॉडलिंग के जरिए फैलने वाले रोगों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
ऐसे करता है काम
सोशल मॉडलिंग इबोला और गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (एसएआरएस) जैसी उभरती संक्रामक बीमारियों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। इन प्रकोपों के दौरान मानव व्यवहार अक्सर प्रकोप के दौरान नाटकीय रूप से बदल जाता है। लोग फेस मास्क का उपयोग करना शुरू कर सकते हैं, या समय-समय पर उनका उपयोग बंद कर सकते हैं। साथ ही, अगर रोग की जानकारी गलत है तो रोगजनकों का सार्वजनिक भय गलत प्रकार के व्यवहार को फैलाता है।
शोधकर्ताओं ने विभिन्न गणितीय मॉडल को विभिन्न विषाणुओं के साथ रोगजनक उपभेदों के बीच प्रतिस्पर्धा पर सामाजिक व्यवहार के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए तैयार किया। कंप्यूटर सिमुलेशन का उपयोग करके, उन्होंने विश्लेषण किया कि मॉडलों ने विभिन्न संभावित परिदृश्यों के तहत व्यवहार कैसे किया है।
चित्र स्रोत:Shutterstock.