
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 18, 2021 10:41 AM IST
चमगादड़ों में सैकड़ों किस्म के हैं कोरोना वायरस
पूरा विश्व जहां इस वक्त कोरोना महामारी से लड़ रहा है वहीं, इसी बीच एक नया वायरस भी आ चुका है। हेल्थ अर्थोरटीज ने 9 अगस्त 2021 को दक्षिणी गुएकेडौ के गिनी (Southern Gueckedou, Guinea) देश में मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) का पहला पॉजिटिव केस देखा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मारबर्ग बेहद खतरनाक वायरस है जिसकी मृत्यु दर 88% है। हालांकि अभी तक इस वायरस को विश्व के लिए खतरा नहीं बताया गया है। अभी इस वायरस के केस सिर्फ पश्चिमी अफ्रीकी देशों में ही मिले हैं। मारबर्ग वायरस उसी जैविक परिवार से संबंधित है जो इबोला (Ebola) का कारण बनता है। इस साल की शुरुआत में, गिनी ने घोषणा की थी कि उनके देश में इबोला वायरस का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन 2 महीने पहले ऐसे मामले मिले थे जिनमें इबोला वायरस का पता चला था।
मरे हुए लोगों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए गुएकेडौ और गिनी की नेशनल हेमोररहगीक फीवर लेबोरट्री (Gueckedou and Guinea’s National Haemorrhagic Fever Laboratory) में भेजा गया था। जांच में सैंपल के अंदर मारबर्ग वायरस मिलने की बात सामने आई थी। सेनेगल में इंस्टीट्यूट पाश्चर (Institute Pasteur in Senegal) द्वारा फिर से टेस्ट के रिजल्ट की पुष्टि की गई तो उन्होंने भी मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) होने की बात स्वीकारी। देश के स्वास्थ्य अधिकारी अब संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए 155 लोगों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। चमगादड़ों द्वारा इंसान में वायरस फैलता वाकई हाई रिस्क का मामला है लेकिन ये अभी सिर्फ उसी देश तक सीमित है। दुनिया के अन्य देशों को अभी डरने की जरूरत नहीं है।
यह वायरस बहुत जल्दी फैलता है। यदि कोई व्यक्ति मारबर्ग वायरस (Marburg Virus) से संक्रमित है तो वो कुछ ही सेकेंड में दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। खून, थूक, पसीना, संक्रमित के कपड़े पहनने से और मैटिरियल के द्वारा यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे तक फैल सकता है। संक्रमित होने पर ये वायरस 2-21 दिनों तक रह सकता है।