
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
What Is Marburg Virus Outbreak: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अफ्रीकी देशों में एक वायरस फैल रहा है जो इबोला की ही तरह घातक हो सकता है। इस वायरस का नाम है मारबर्ग वायरस और यह वायरस घाना के बाद अब अफ्रीकी देश 'इक्वेटोरियल गिनी' में भी पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पुष्टि की है कि यह वायरस गिनी में तेजी से फैल रहा है और वहां 9 लोगों की मृत्यु इसी वायरस की वजह से हो गयी है। WHO की तरफ से कहा गया कि गिनी से कुछ संदिग्धों के सैम्पल्स जांच के लिए भेजे गए थे और उन्हीं सैम्पल्स क आधार पर इस वायरस के प्रकोप की पुष्टि की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार मारबर्ग वायरस और उससे जुड़ी मौजूदा स्थिति के बारे में चर्चा करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अधिकारियों की एक मीटिंग भी बुलायी गयी है। WHO के अधिकारियों के अनुसार, यह वायरस कोरोना वायरस और इबोला से भी अधिक घातक और खतरनाक साबित हो सकता है।
बता दे कि तकरीबन 7 महीने पहले भी घाना में मारबर्ग वायरस के मामले अचानक से बढ़ गए थे। वायरस का प्रकोप धीरे-धीरे अन्य अफ्रीकी देशों में भी फैल गया था। इस वायरस का प्रसार अफ्रीका के बंदरों की एक प्रजाति से हुआ। वहीं, एक्सपर्ट्स के अनुसार मारबर्ग का सबसे पहला मामला साल 2008 में सामने आया था जब, युंगाडा स्थित में रूसेटस बैट कॉलोनी की एक गुफा में घूमने गए दो लोगों को इस वायरस से संक्रमित पाया गया था।
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, मारबर्ग वायरस से संक्रमित होने के बाद व्यक्ति को गम्भीर बुखार हो सकता है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है। मारबर्ग वायरस से संक्रमित व्यक्ति के लिए बुखार जानलेवा भी साबित हो सकता है। वहीं, संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों जैसे थूक, खून या अन्य प्रकार के फ्लूइड से यह फैल सकता है। मरीजों को छूने और उनके इस्तेमाल किए गए कपड़े या बिस्तर का इस्तेमाल करने से भी इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है।