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कई बड़े देशों में पहुंच चुका है ब्लीडिंग आई वायरस, क्या भारत में भी हो गई एंट्री?

Marburg Virus In Germany : पूर्वी अफ्रीका में तेजी से फैलने वाले मारबर्ग वायरस ने जर्मनी में भी दस्तक दे दी है। अभी तक इस बीमारी से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। जानिए कितना खतरनाक है ये वायरस-

कई बड़े देशों में पहुंच चुका है ब्लीडिंग आई वायरस, क्या भारत में भी हो गई एंट्री?

Written by anant shukla |Updated : December 9, 2024 10:22 AM IST

Marburg Virus Outbreak In Germany : पूर्वी अफ्रिका में तेजी से फैल रहा मारबर्ग वायरस अब जर्मनी पहुंच चुका है। जर्मनी के हैम्बर्ग सेंट्रल स्टेशन पर 2 यात्री मारबर्ग वायरस संक्रमित पाये गए। जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया। पुलिस और अग्निशामक की टीम ने स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। 26 वर्षीय मेडिकल छात्र और उसकी दोस्त को तुरंत एप्पेनडॉर्फ यूनिवर्सिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों का परीक्षण किया जा रहा है। मारबर्ग वायरस को ब्लीडिंग आई डिजीज के नाम से भी जाना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति में आंखों से ब्लीडिंग होने का खतरा काफी रहता है।

हैम्बर्ग अग्निशमन विभाग ने बताया कि, रवांडा से आए यात्री को हल्की उल्टी होने लगी इसके बाद संदेह हुआ कि वह संक्रमित हो सकते हैं। दोनों यात्रियों को चिह्नित कर अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि संक्रमित छात्र मारबर्ग मरीजों का इलाज करने वाले एक अस्पताल में काम कर रहे थे। बताते चलें कि पूर्वी अफ्रीकी देश वर्तमान में मारबर्ग वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है और अब तक 27 से अधिक मामले सामने आए हैं।

मारबर्ग वायरस क्या है? - What Is Marburg Virus

मारबर्ग वायरस एक बेहद घातक बीमारी है, जो इबोला जैसे ही घातक वायरस के कारण होती है। यह संक्रमित व्यक्ति के ब्लड, उल्टी, लार और शारीरिक तरल पदार्थों के साथ सीधे संपर्क में आने पर फैलती है। साथ ही यह बीमारी चमगादड़ों के संपर्क में आने से भी फैलती है, जो वायरस को ले जाने के लिए जाने जाते हैं। यह वायरस हवा से नहीं फैलता है, जो इसके फैलने की गति को सीमित करता है, लेकिन इसके सीधे संपर्क में आना बेहद खतरनाक होता है।

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मारबर्ग वायरस से कैसे बचें? (How to prevent Marburg virus disease?)

  • संक्रमित लोगों के संपर्क में न आएं।
  • मारबर्ग वायरस से संक्रमित पुरुष के साथ तब तक शारीरिक संबंध न बनाएं जब तक ब्लड टेस्ट में उसकी रिपोर्ट पूरी तरह नेगेटिव नहीं आ जाती।
  • उन चीजों को न छूएं जो किसी संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आए हों।
  • बाहर से घर में आने के बाद सबसे पहले अच्छी तरह हाथ धोएं और कपड़े बदलें।

क्या भारत में भी हो गई मारबर्ग वायरस की एंट्री? (Should Indians be Worried of Marburg virus?)

एक्सपर्ट कहते हैं कि फिलहाल भारतीयों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर वायरस को कंट्रोल करने के लिए सख्त कदम उठाए जाए और लगातार मॉनिटरिंग की जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है इसलिए चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है। यह वायरस चमगादड़ों, उनके मूत्र और उनके उत्सर्जन से फैल सकता है। यह संक्रमित लोगों के रक्त, स्राव, अंगों या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क के साथ-साथ दूषित जगहों और सामग्रियों के माध्यम से भी फैल सकता है। अच्छी बात यह है कि यह हवा के माध्यम से नहीं फैलता है, जिससे इसका प्रसार सीमित हो जाता है।

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