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Mansukh Mandaviya on death during Garba: हाल ही में नवरात्रि के दौरान गरबा करते हुए हार्ट अटैक के चलते कई लोगों की मौत हो गई। इसी विषय पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि, गरबा नाचते हुए होनेवाली मौतों के पीछे कोविड संक्रमण एक बड़ा कारण हो सकता है। हेल्थ मिनिस्टर मंडाविया ने कहा कि, आईसीएमआर की टीम ने हाल ही में एक स्टडी की जिसमें पाया गया कि ऐसे लोग जिन्हें गम्भीर कोविड संक्रमण हुआ था, उनके लिए बहुत अधिक शारीरिक मेहनत वाले काम करना घातक साबित हो सकता है। ऐसे लोगों को दौड़ने, भारी सामान उठाने या कसरत करने से बचना चाहिए।
मीडिया से बात करते हुए मनसुख मंडाविया ने कहा कि, आईसीएमआर ने ऐसे लोगों पर अध्ययन किया जिन्हें गम्भीर कोविड संक्रमण हुआ था और जिन्हें ठीक हुए बहुत अधिक समय नहीं हुआ है, उन सभी लोगों को हार्ट अटैक का जोखिम बहुत अधिक है। स्टडी में यह भी कहा गया है कि इन लोगों को संक्रमण के बाद कम से कम 2 साल तक बहुत अधिक मेहनत वाले काम जैसे एक्सरसाइज, नाचना या दौड़ लगाने से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “आईसीएमआर (ICMR) ने हाल ही में एक अध्ययन किया है. जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को गंभीर रूप से कोविड हुआ था और पर्याप्त समय नहीं बीता है उन लोगों को दिल का दौरा पड़ने से बचने के लिए कम से कम एक या दो साल तक ज्यादा एक्सरसाइज, रनिंग या कठिन परिश्रम करने से बचना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान गुजरात में गरबा करते हुए एक स्टुडेंट और 22 लोगों की मृत्यु हो गयी। इनमें से 6 लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक आने की वजह से हो गयी। जबकि, अन्य 14 लोगों की मौत भी गरबा करने के दौरान ही हुई। त्योहार के समय इतने लोगों की अकस्मात मृत्यु होने के बाद गुजरात राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने हृदय विशेषज्ञों और का्र्डियोजिस्ट की एक टीम के साथ बैठक भी की और इन घटनाओं का सही कारण पता लगने के लिए निर्देश दिए थे।