Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
एक तरफ जहां कोरोनावायरस का संक्रमण नियंत्रण में है तो वही डेंगू (Dengue) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में डेंगू बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। जिसको लेकर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गंभीरता दिखाई है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया आने एक समीक्षा बैठक की है, जिसमें राज्यों को लेकर कई निर्णय लिए गए हैं। जिसमें मंत्रालय और दिल्ली सरकार के अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर कहा "दिल्ली में डेंगू की स्थिति की समीक्षा की और केंद्र के पूर्व समर्थन का आश्वासन दिया। डेंगू की रोकथाम के लिए हॉटस्पॉट की पहचान फागिंग और समय पर उपचार जैसी ऑन ग्राउंड पहल की जाएगी।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, डेंगू के बढ़ते मामलों वाले राज्यों में स्वास्थ्य मंत्रालय अपनी एक विशेष टीम भेज रहा है, जो डेंगू वायरस पर नजर रखने के साथ-साथ जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और आपूर्ति पर टीम काम करेगी।
Reviewed the Dengue situation in Delhi & assured Centre’s full support.
On-ground initiatives like hotspot identification, fogging & timely treatment will be carried out to curb disease. Centre is also sending a team of experts to States with rising Dengue cases. pic.twitter.com/B0KULaexr5 — Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) November 1, 2021
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बहुत से गरीब लोग डेंगू से प्रभावित होते हैं जो कम प्लेटलेट्स के कारण कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूल कारणों को जाने बिना बीमारी के लक्षणों को दबाने के लिए एंटीपायरेटिक दवाएं दे सकते हैं जिससे रोगी की मृत्यु हो सकती है। क्योंकि डेंगू की पहचान करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम जांच है, और जांच के बिना उपचार होने या मौत होने पर आंकड़ों का पता नहीं चल पाता। इस तथ्य को सामने लाने के बाद उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों को डेंगू की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया ताकि सभी मामलों की रिपोर्ट की जा सके और डेंगू का सही उपचार हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पताल डेंगू के मामलों से भरे हुए हैं जबकि कई अस्पताल खाली हैं। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच संचार माध्यम को प्रभावी बनाने की बात कही। ताकि लोगों को उपचार के लिए भटकना न पड़े। मनसुख मंडावी आने दिल्ली के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे डेंगू के उपचार के लिए कोविड-19 के लिए तैयार बिस्तर को प्रयोग में लाने की संभावना पर गौर करें।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने व्यक्त नियंत्रण को तेज करने के प्रयास में सभी एमसीडी एनडीएमसी छावनी बोर्ड और अन्य स्टेकहोल्डर्स को शामिल करने की सलाह दी। साथ ही लोगों को डेंगू मलेरिया के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों को मच्छरदानी का प्रयोग करने पूरी बाजू के कपड़े और इंडोर फागिंग को प्रोत्साहन देने की सलाह दी साथ ही नगर निकायों को डेंगू रोगियों और उनके आसपास के घरों मैं स्प्रे करने की सलाह दी।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, अतिरिक्त सचिव विकास शील, और मिशन निदेशक (एनएचएम), आरती आहूजा, अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य), डॉ एसके सिंह, निदेशक, एनसीडीसी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), भूपिंदर भल्ला, ने बैठक में यूनियन टेरेटरी के स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
दिल्ली में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक डेंगू के 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बचाव के लिए दिल्ली नगर निगम फागिंग और जरूरी कदम उठा रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने भी कोरोनावायरस के लिए आरक्षित बेड के एक तिहाई हिस्से को डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया के उपचार में उपयोग में लाने का आदेश दिया है। ताकि राजधानी को डेंगू के दंश से बचाया जा सके।
अगर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां भी हालत बहुत ही खराब है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में डेंगू बुखार के मामले अभी भी देखने को मिल रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों पहले हुई 100 से ज्यादा बच्चों की मौत का कारण भी डेंगू बुखार ही था। डेंगू प्रभावित जिलों में फिरोजाबाद मथुरा आगरा एटा के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, सुल्तानपुर, कौशांबी समेत कई जिले के अस्पतालों में डेंगू के मामले लगातार आ रहे हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार भी डेंगू मलेरिया पर नजर बनाए रखे हुए हैं। सरकार द्वारा अस्पतालों में अलग बेड और नगर निगमों को फागिंग और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।