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Written By: Anshumala | Published : February 1, 2019 4:09 PM IST
पैनक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित मनोहर पर्रिकर एम्स में करा रहे हैं अपना इलाज। © Shutterstock.
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कैंसर विभाग में भर्ती कराए गए हैं। एम्स के सूत्रों के मुताबिक, पर्रिकर को गुरुवार शाम अस्पताल लाया गया। वह एम्स के डॉ. बी.आर.ए. इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल में डॉ.अतुल शर्मा (कैंसर चिकित्सक) की निगरानी में हैं और कुछ दिनों तक भर्ती रहेंगे।
पूर्व रक्षा मंत्री अग्नाशय कैंसर (पैनक्रियाटिक कैंसर) से जूझ रहे हैं। पिछले साल फरवरी में उन्हें यह बीमारी होने के बार में पता चला था। तब से वह गोवा, मुंबई, दिल्ली और न्यूयॉर्क के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती होते रहे हैं।
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क्या होता है पैनक्रियाटिक कैंसर
यह कैंसर पैनक्रियाज यानी अग्नाशय को अपना शिकार बनाता है। इसके मामले स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, हड्डियों का कैंसर के मुकाबले बहुत कम पाए जाते हैं। अग्नाशय मानव शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है, इसे पाचक ग्रंथि भी कहते हैं। अग्नाशय कैंसर गंभीर रोग है। अग्नाशय में कैंसर युक्त कोशिकाओं के जन्म के कारण पैनक्रिएटिक कैंसर की शुरुआत होती है। यह अधिकतर 60 वर्ष से ऊपर की उम्र वाले लोगों में पाया जाता है। महिलाओं के मुकाबले पैनक्रिएटिक कैंसर के शिकार पुरुष ज्यादा होते हैं। पुरुषों के धूम्रपान करने के कारण इसके होने का ज्यादा खतरा रहता है। रेड मीट और चर्बी युक्त आहार का सेवन करने वालों को भी पैनक्रिएटिक कैंसर होने की आशंका बनी रहती है। कई अध्ययनों से यह भी साफ हुआ है कि फलों और सब्जियों के सेवन से इसके होने की आशंका कम होती है।
अग्नाशय कैंसर के लक्षण
इसे 'मूक कैंसर' भी कहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लक्षण छिपे हुए होते हैं, जो आसानी से नजर नहीं आते। फिर भी अग्नाशय कैंसर के कुछ लक्षण निम्नलिखित हैं।
पेट के ऊपरी भाग में दर्द रहना।
स्किन, आंख और यूरिन का कलर पीला हो जाना।
भूख न लगना, जी मिचलाना और उल्टियां होना।
कमजोरी महसूस होना और वजन का घटना।
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कारण
अधिक धूम्रपान करने से अग्नाशय कैंसर का खतरा बना रहता है।
पीढ़ी दर पीढ़ी अग्नाशय की चली आ रही समस्या को भी अग्नाशय कैंसर का कारण माना जाता है।
रेड मीट और चर्बी युक्त भोजन का सेवन करने से पैनक्रियाटिक कैंसर होने का खतरा रहता है।
लंबे समय तक अग्नाशय में जलन भी इसका कारण हो सकती है।
ज्यादा मोटापा भी पैनक्रियाटिक कैंसर का कारण हो सकता है।
कीटनाशक दवाइयों की फैक्ट्री या इससे संबंधित काम करने वालों को भी अग्नाशन कैंसर होने की आशंका रहती है।