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Written By: Editorial Team | Published : April 20, 2018 8:48 AM IST
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने गुरुवार को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से महिलाओं व बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए विशेष पुलिस सेल बनाने को कहा है। मेनका गांधी ने एक पत्र में सभी मुख्यमंत्रियों से इस तरह के मामलों की जांच 'कानून की समयसीमा' के मुताबिक पूरी कर पीड़िता और उनके परिवारों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उन्होंने लिखा, "जल्दी और समय पर जांच ही संभावित अपराधी को डराकर रोकने का एकमात्र तरीका है लेकिन इसे केवल राज्यों द्वारा ही किया जा सकता है क्योंकि पुलिस विभाग राज्य का विषय है।"
उन्होंने कहा, "यौन अपराधों के लिए एक विशेष सेल का गठन या केवल बच्चों के साथ यौन अपराधों के लिए विशेष सेल का गठन इस संबंध में एक महत्वमूर्ण कदम होगा।"
मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस अधिकारियों को यौन अपराधों के विभिन्न पहलुओं पर दोबारा से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, विशेषकर सबूत जुटाने और उसे सुरक्षित रखने के संबंध में।
उन्होंने कहा, "सभी पुलिस अधिकारियों को बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों की जांच पूरी करने को उच्च प्राथमिकता देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार को उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए जो इस तरह के मामलों की जांच में बाधा डालने और अपराधियों के साथ मिलीभगत करते हुए पाए गए हों।"
मंत्री ने राज्यों से बच्चों के बीच चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के साथ ई-बॉक्स के प्रयाग को लेकर जागरूकता फैलाने का अनुरोध किया है। इस पहल के तहत, बच्चे अपराधों की सूचना सीधे बाल अधिकार संरक्षण के राष्ट्रीय आयोग को दे सकते हैं।
उन्होंने राज्यों को यौन अपराधों में सबूतों के फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक लैब स्थापित करने में मदद की पेशकश भी की है।
स्रोत-IANS Hindi.
चित्रस्रोत- File Photo.