डिमेंशिया से 24 साल के इस लड़के की मौत, दिमाग सौंप गया साइंस के हवाले

Is Dementia Fatal: डिमेंशिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने, समझने व तर्क करने की क्षमता कमजोर होती चली जाती है। यूके के आंद्रे यारहम भी डिमेंशिया से पीड़ित थे, जो ज्यादा बढ़ा और उनकी मौत का कारण बन गया।

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Written By: Vidya Sharma | Published : January 8, 2026 1:41 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sanjay Gupta

24 Year Old And Yara Die From Dementia: आपको भारत सहित विदेशों में डिमेंशिया से होने वाली मौत के कई आंकड़े मिल जाएंगे। 2024 की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल 90 मिलियन लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं। कई लोग डिमेंशिया को एक आम भूलने की समस्या समझते हैं, लेकिन यह इससे कहीं ज्यादा है। यहां तक कि अगर ज्यादा बढ़ जाए तो मौत का कारण भी बन सकती है। ऐसा ही कुछ यूके, यानी कि यूनाइटेड किंगडम के 24 साल के युवक आंद्रे यारहम के साथ भी हुआ। 

आंद्रे यारहम और उनकी मां सामंथा फेयरबर्न को इस कंडीशन का पता 2022 में चला और धीरे-धीरे चीजें बद से बदतर होती गईं, जिसका नतीजा यह हुआ कि 27 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। जानने वाली बात यह है कि आंद्रे यारहम की मृत्यु के बाद उनके दिमाग को साइंस को सौंप दिया गया है। यह एक रिसर्च का विषय है, लेकिन क्या डिमेंशिया सच में जानलेवा होता है? या क्या हम हम डिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समस्या को अधिक बढ़ने से रोक सकते हैं? आइए इस घटना और विषय पर थोड़ा रोशनी डालते हैं।

22 की उम्र में पता चला डिमेंशिया

आंद्रे यारहम 22 साल के थे जब उनकी मां सामंथा फेयरबर्न ने अपने बेटे को भूलने की आदत पर गौर किया। उन्होंने देखा कि आंद्रे चीजों को भूलने लगा है और अजीब व्यवहार कर रहा है। इसके बाद वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गईं, जहां पता चला ही आंद्रे को फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया (FTD) है। बता दें कि फ्रंटोटेंपोरल डिमेंशिया दिमाग के फ्रंटल और टेम्पोरल लोब हिस्से को नुकसान पहुंचाने वाला डिसऑर्डर है। जैसा की आप तस्वीर में देख सकते हैं।

दिमाग को साइंस को देने का उद्देश्य

एक इंटरव्यू के दौरान मिसेज फेयरबर्न ने बताया कि उनके बेटे ने अपना दिमाग रिसर्च के लिए डोनेट किया है। इसका साफ-सीधा कारण है कि अन्य लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके। उनका मानना है कि अगर इससे एक परिवार को अपने क्लोज वन के साथ कुछ साल अधिक समय बिताने का मौका मिल सकता है, तो यह जरूरी है।

क्या फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया सच में जानलेवा होता है?

डिमेंशिया जानलेवा है या नहीं, यह जानने के लिए हमने यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर संजय गुप्ता से बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरणों में, एफटीडी वाले लोग व्यवहार में ध्यान देने योग्य परिवर्तन दिखा सकते हैं, जैसे सहानुभूति की कमी, इम्पल्सिव एक्शन, अनुचित सामाजिक व्यवहार या खराब निर्णय। कुछ व्यक्तियों को भाषा संबंधी समस्याओं का अनुभव होता है, जिनमें बोलने, शब्दों को समझने या वाक्य बनाने में कठिनाई शामिल है। स्मृति हानि आमतौर पर पहला लक्षण नहीं है, जो एफटीडी को अन्य डिमेंशिया से अलग करने में मदद करता है। हाल में, फ्रंटोटेंपोरल डिमेंशिया का कोई इलाज नहीं है, लेकिन सहायक उपचार, स्पीच थेरेपी, व्यवहार प्रबंधन और मजबूत पारिवारिक समर्थन जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।

अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण कौन से होते हैं?

फरीदाबाद स्थित फोर्टिस में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर डॉक्टर विनीत बंगा ने डिमेंशिया के लक्षण गिनाए हैं, जो इस प्रकार हैं- 

  • भाषा और बोलने में परेशानी महसूस करना।
  • याददाश्त में कमी होना यानी किसी भी चीज को याद करने में और उसे लेकर बातचीत करने में कठिनाई महसूस होना।
  • किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस करना।
  • अपने मूड और भावनाओं को कंट्रोल करने में कठिनाई होना, इत्यादि।

इसलिए अगली बार अगर आपको अपने किसी परिवार जन में इस तरह के कुछ संकेत दिखें तो उन्हें समझें और सही समय पर डॉक्टर के पास लेकर इलाज करवाएं।

Highlights

  • डिमेंशिया से यूके में रहने वाले 24 साल के आंद्रे यारहम की मौत हो गए।
  • डिमेंशिया अधिक बढ़ जाए तो जानलेवा हो सकता है।
  • बोलने, समझने, चीजों को याद रखने में परेशानी होना डिमेंशिया के लक्षण हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

डिमेंशिया के क्या लक्षण हैं?

बातें भूलना, सही शब्द न मिलना, चीजों को व्यवस्थित करने में परेशानी, परिचित जगहों पर खो जाना, मूड और व्यवहार में बदलाव और दैनिक गतिविधियों में कठिनाई डिमेंशिया के लक्षण हैं।

डिमेंशिया का इलाज घर पर कैसे किया जा सकता है?

किसी देखभालकर्ता के साथ नियमित रूप से टहलने से संवाद कौशल में सुधार हो सकता है और भटकने की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है।

डिमेंशिया रोग किस कारण से होता है?

डिमेंशिया के लक्षण तब प्रकट होते हैं जब मस्तिष्क में कभी स्वस्थ रहे न्यूरॉन्स काम करना बंद कर देते हैं, अन्य मस्तिष्क कोशिकाओं से संपर्क खो देते हैं और मर जाते हैं।

डिमेंशिया बीमारी क्यों होती है?

डिमेंशिया मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने के कारण होता है, जिससे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है

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