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मलेरिया से लड़ने में कारगर साबित होगी ये वैक्सीन, जानें भारतीय बाजारों में कब तक आएगा ये टीका?

Malaria vaccine: दुनियाभर में हर साल लाखों लोग मलेरिया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में इस वैक्सीन को दुनिया की सबसे प्रभावी मलेरिया वैक्सीन मानी जा रही है, जिससे लाखों लोग इस बीमारी से बच सकेंगे।

मलेरिया से लड़ने में कारगर साबित होगी ये वैक्सीन, जानें भारतीय बाजारों में कब तक आएगा ये टीका?

Written by Pallavi |Published : September 10, 2022 9:38 AM IST

भारत में बरसात का मौसम मलेरिया (Malaria) का मौसम माना जाता है। हर साल हजारों लोग इस मच्छर जनित बीमारी के शिकार हो जाते हैं। कई बार कुछ लोगों में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि उन्हें इस बीमारी से जान भी गवानी पड़ती है। लेकिन अब शायद ये समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। जी हां, क्योंकि अब दुनिया की सबसे प्रभावी मलेरिया वैक्सीन आ गई है। इस वैक्सीन का नाम आर21/मैट्रिक्स-एम (R21/Matrix-M) है और इसे ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है। खास बात ये है कि ये वैक्सीन मलेरिया के खिलाफ लगभग 80 प्रतिशत तक प्रभावी बताई जा रही है और खुद इसकी पुष्टि लांसेट जर्नल में छपि एक रिपोर्ट में की गई है। आइए जानते हैं इस वैक्सीन के बारे में विस्तार से।

80% तक कैसे प्रभावी है ये मलेरिया वैक्सीन

ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इस मलेरिया वैक्सीन को ट्रायल में 80 प्रतिशत तक प्रभावी पाया गया है। जी हां, लैंसेट में रिपोर्ट किए गए एक परीक्षण में बीमारी से बचाव के लिए ये 80% प्रभावी साबित हुआ। इस रिपोर्ट में बता गया है कि मलेरिया का ये टीका दुनिया के प्रभावित क्षेत्रों से मलेरिया उन्मूलन पर एक बड़ा प्रभाव डाल सकता है। यह वास्तव में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

टेस्टिंग के दौरान 5 से 17 महीने के बीच के शिशुओं को चुना गया और उनके तीन समूह तैयार किए गए। दो ने अलग-अलग खुराक में टीका प्राप्त किया और एक तिहाई को रेबीज का टीका लगाया गया। कुल मिलाकर, लगभग 400 शिशुओं को टीका लगा। जिन शिशुओं टीके की सही और पूरी खुराक मिली और वे लगभग 80% वायरस से सुरक्षित थे, जबकि दूसरे समूह को कम खुराक मिली और लगभग 70% सुरक्षा देखी गई।

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भारतीय बाजारों में कब तक आएगा ये टीका?

परीक्षण का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले साल की शुरुआत में जैब्स का उत्पादन और वितरण शुरू हो सकता है। खास बात ये है कि ये भारतीय बाजारों में भी जल्द आ सकता है। क्यों वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के पास टीके का लाइसेंस है और इसने प्रति वर्ष 100 मिलियन खुराक का उत्पादन करने का वादा किया है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि भारत में इस टीके के ट्रायल के बाद और सरकार से सहमति मिलने के बाद तुरंत ही वैक्सीन मिल सकेगी।

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बता दें कि मलेरिया सालाना लगभग 600,000 लोगों को मारता है, जिनमें से अधिकांश बच्चे होते हैं। ऐसे में ये वैक्सीन उम्मीद की किरण साबित हो सकती है। बस, देखना ये होगा कि आगे चल कर इस टीके की मदद से हम मलेरिया जैसी बीमारी से छुटकारा पा पाते हैं या नहीं।

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