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देश में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकार अपने-अपने स्तर पर प्रयास करने में जुटी हैं। कोरोना को मात देने के लिए टेस्ट और ट्रीट करना बहुत ही जरूरी है, जिसके लिए कोविड की जांच बहुत ही जरूरी हो चुकी है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की सभी निजी लैब में होने वाले आरटी-पीसीआर टेस्ट की दरों में फिर से बदलाव किया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इस बारे में बताते हुए कहा कि कलेक्शन केंद्र पर सैंप्ल देने के लिए अब लोगों को मात्र 350 रुपये खर्च करने होंगे।
राजेश टोपे ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ये भी कहा कि अस्पतालों की लैब, कोविड केयर सेंटर और क्वारंटाइन सेंटर पर होने वाले कोविड टेस्ट के लिए अब लोगों को 500 रुपये देने होंगे। वहीं अगर कोई व्यक्ति घर से सैंपल देनाचाहता है तो उसे 700 रुपये देने होंगे। टोपे ने ये भी कहा कि कोई भी निजी लैब ग्राहक से इससे ज्यादा की राशि नहीं मांग सकते हैं।
बात करें महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों की तो महाराष्ट्र के मुंबई में सोमवार को कोरोनावायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के दो और मामले सामने आए हैं, जिसके बाद राज्य में इस वेरिएंट के कुल मामलों की संख्या 10 पहुंच गई है।
ओमिक्रोन के ये दो नए मामले तब सामने आए जब दक्षिण अफ्रीका से एक 37 साल का व्यक्ति और 36 साल की उसकी महिला साथी अमेरिका से यहां पहुंचे। इन दोनों नागरिकों का जब यहां टेस्ट किया गया तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई।
महाराष्ट्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों मरीजों में किसी प्रकार का कोई लक्षण नहीं दिखाई दिया है जबकि दोनों को ही कोविड-19 की फाइजर वैक्सीन लगी हुई है।
राज्य सरकार का कहना है कि अभी तक मरीजों के 5 सबसे ज्यादा जोखिम वाले और 315 कम जोखिम वाले संपर्कों की पहचान कर ली गई है। बाकी इन लोगों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया है सभी की जांच की जा रही है।
देश में कर्नाटक राज्य में सबसे पहले ओमिक्रोन वेरिएंट के दो मामले सामने आए थे उसके बाद गुजरात के जामनगर में 1 और 1 महाराष्ट्र के डोम्बिविली में मिला था। वहीं रविवार को महाराष्ट्र के पुणे जिले में ओमिक्रोन के 7 मामले सामने आए, जिसमें से 6 एक ही परिवार के लोग शामिल थे।