Zika Virus News in hindi : महाराष्ट्र में 7 साल की बच्ची को जीका वायरस! लक्षण दिखाई तो करें ये 6 काम

Zika Virus News in hindi : महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक सात साल की लड़की जीका वायरस से संक्रमित पाई गई है। इस तरह पहचानें इसके लक्षण

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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 14, 2022 1:30 PM IST

Zika Virus News in hindi : महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक सात साल की लड़की जीका वायरस से संक्रमित पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा है कि ये लड़की पालघर जिले के झाई में आश्रमशाला की रहने वाली है। घटना के मद्देनजर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि निगरानी, मच्छर से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं किन राज्यों में जीका का पता चला है और इसके लक्षण क्या है।

इन राज्यों में मिला जीका वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) जनवरी 2106 में जीका वायरस को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर चुका है। जीका वायरस का पता गुजरात (2017), तमिलनाडु (2017), राजस्थान (2018), मध्य प्रदेश (2018) में पता चला था। 2017 में जीका वायरस के मामले केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से भी सामने आ चुके हैं।

क्या है जीका वायरस?

जीका वायरस मच्छर के काटने से फैलने वाली एक बीमारी है, जो संक्रमित एडिज मच्छर के काटने से फैलती है। ये मच्छर दिन में काटता है। इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में शामिल हैंः

हल्का बुखार

रैशेज

आंख आना

मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द

सिरदर्द

इस बात का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है कि ये वायरस गर्भवती मां से भ्रूण में फैल सकता है और बच्चे को माइक्रोसेफली और अन्य याददाश्त संबंधी बीमारियों का शिकार बना सकता है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, जीका वायरस से संक्रमित लोगों में ये बीमारी उनके साथ रहने वाले करीबी लोगों को संबंध बनाने से भी हो सकती है।

जीका वायरस का उपचार

जैसा कि हम जानते हैं कि जीका वायरस के लिए कोई विशिष्ट वैक्सीन या फिर दवा नहीं लेकिन अगर आपमें इसके लक्षणों का पता चलता है तो आपके पास ये विकल्प मौजूद हैंः

1-तुरंत लक्षणों का इलाज कराएं।

2-पर्याप्त रूप से आराम लें।

3-हमेशा हाइड्रेट रहें।

4-बुखार और दर्द को कम करने के लिए एसिटामिनोफेन जैसी दवाओं का इस्तेमाल करें।

5-रक्तस्त्राव के खतरे को कम करने के लिए जब तक डेंगू न उतर जाए तब तक एस्पिरिन और नॉन स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल न करें।

6-अगर आप किसी दूसरी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।

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