
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 10, 2018 2:39 PM IST
बच्चे जिस दिन अपना लंच-बॉक्स खखत्म करें वह दिन मां के लिए सुकूनभरा होता है तो वहीं कई बच्चे ऐसे भी हैं रोज़ अपना लंच बॉक्स भरा हुआ ही लेकर स्कूल से लौट आते हैं। जी हां, हम जानते हैं आपके दुख की वजह यही है लेकिन यह समस्या केवल आपकी ही नहीं है। ज़्यादातर मांओं को अक्सर शिकायत रहती हैं कि उनके बच्चे खाना नहीं खाते। कई माएं अक्सर कहती हैं कि उनका बच्चा लंच बॉक्स का खाना पूरी तरह से खत्म नहीं करता है। उन्हें इसके लिए काफी कोशिश करनी होती है कि बच्चे पूरा खाने में रुचि लें। ऐसे में ज़्यादातर औरतें हर दिन सुबह जल्दी उठ जाती हैं और इसी बात को लेकर उलझन में रहती हैं कि वे अपने बच्चों को नाश्ते या लंच में कौन-सी चीजें दें। यह समस्या लंच बॉक्स सिंड्रोम के नाम से जानी जाती है।
जानें क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुमुद खन्ना कहती हैं, "कामकाजी माएं अक्सर एक ग़लती करती हैं और वह है पिछले दिन के डिनर का खाना लंच वॉक्स में नए तरीके से पैक करना। लेकिन बच्चे भी काफी स्मार्ट होते हैं, वो वहीं खाना दोबारा नहीं खाते और अक्सर कम खाते हैं या भूखे रहते हैं। इसीलिए यह बहुत अहम है कि आप अपने बच्चे को हर दिन लंच बॉक्स में कुछ नया पैक करें। लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि बच्चों के लिए आप जो भी खाना बनाती हैं वह हेल्दी हो और बच्चे को पहचानने में परेशानी ना हो कि वह क्या चीज़ हैं। क्योंकि बच्चे वही खाना खाते हैं जिसे वह आसानी से पहचान सकें या जिसके बारे में उन्हें समझने में परेशानी ना हो। इसलिए नयी-नवेली चीज़ें परोसने से बचें।"
कुमुद खन्ना कहती हैं कि बच्चों के लिए प्रोटीन बहुत ज़रूरी है। यह शरीर के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसीलिए बच्चे के भोजन में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की उचित मात्रा शामिल होनी चाहिए। खाना दिखने में भी बच्चे को पसंद आए इसका भी ख्याल रखें। इस तरह से दूध से बने उत्पाद और हरी सब्जियां उनके खाने का हिस्सा होनी चाहिए।
बढ़ते बच्चों को मुख्य रूप से प्रोटीन और ऊर्जा की ज़रूरत होती है। थोड़ा-बहुत फैट भी उनके दिमाग के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए अपने बच्चे के लंच बॉक्स में फल, सब्जियां और थोड़ा-बहुत स्वास्थ्यवर्धक ऑयली फूड शामिल करें।
धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशियटी हॉस्पिटल की न्यूट्रिशियन पायल शर्मा कहती हैं कि आप बच्चे को चुनने और खुद से अपना लंच तैयार करने में मदद के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती हैं। इस प्रक्रिया में उन्हें शामिल करें ताकि उन्हें यह एहसास न हो कि जो चीजें उन्हें पसंद नहीं है उन्हें जबरदस्ती वही चीजें खिलाई जा रही हैं। बच्चों को अपने खाने की सूची बनाने को लेकर भी प्रोत्साहित करें।