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Written By: Pallavi | Updated : September 3, 2022 11:38 AM IST
लंपी वायरस (lumpy virus) रूकने का नहीं ले रहा। इन दिनों यूपी के कई जिलों में इसका भयंकर प्रकोप देखा जा रहा है। यहां लगभग 15 हजार से ज्यादा मवेशियों में यह बीमारी फैली हुई है और करीब 115 मवेशियों की इससे मौत भी हुई है। लेकिन इसी बीच एक राहत की खबर ये है कि जल्दी ही स्वदेशी लंपी वायरस वैक्सीन (lumpy virus vaccine india) आ रही है। इस वैक्सीन का नाम है Lumpi-ProVacInd। ये वैक्सीन इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) ने साथ में विकसित की है। आइए जानते हैं इसके जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां।
Lumpi-ProVacInd को हरियाणा के हिसार में इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) और नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्वाइन (NRCE) और इज्जतनगर, यूपी में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। ये टीबी, खसरा, मंमप्स और रूबेला के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले टीकों को मिला कर बना है। ये हेट्रोजीनस वैक्सीन हैं जो मवेशियों में लंपी वायरस में क्रॉस-प्रोटेक्शन का काम करते हैं।
इस लंपी वायरस वैक्सीन की टेस्टिंग इस साल अप्रैल में आईवीआरआई में किया गया था। इनमें 10 नर बछड़े शामिल थे जिन्हें टीका लगाया गया था और बाकी 5 को टीका नहीं लगाया गया। एक महीने के बाद, टीकाकरण वाले जानवरों ने लंपी वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित कर ली। इसके बाद जुलाई में, राजस्थान के बांसवाड़ा में एक गौशाला में 140 मवेशियों जिसमें गर्भवती गायों के साथ-साथ बछड़ों, बछिया और बैल भी थे, सब पर इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया। हिसार और हांसी (हरियाणा) और मथुरा (यूपी) के अलावा उदयपुर, अलवर और जोधपुर में 35 अन्य गौशालाओं और डेयरी फार्मों में जानवरों को भी टीका लगाया गया है। इन सबको लंपी वायरस नहीं हुआ। इससे पता चलता है कि लंपी वायरस की ये वैक्सीन 100 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
अनुमान है कि लंपी वायरस की ये Lumpi-ProVacInd वैक्सीन आने वाले 4 से 5 महीनों में बाजार में आ जाएगी। हालांकि, ये भी बताया जा रहा है इसका व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन एक चुनौती हो सकती है। बता दें कि इसे बनाने वाली प्रमुख पशु चिकित्सा वैक्सीन निर्माताओं में इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड, हेस्टर बायोसाइंसेज, ब्रिलियंट बायो फार्मा, एमएसडी एनिमल हेल्थ और बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। पहले से ही ये दो कंपनियां मवेशियों में मंकीपॉक्स के टीके की आपूर्ति कर रही हैं। अब तक देश भर में लगभग 65.17 लाख खुराकें दी जा चुकी हैं। अब उम्मीद करते हैं इस वैक्सीन के साथ मवेशियों में इस बीमारी को रोका जा सकेगा।