लंपी स्किन रोग: गुरुग्राम प्रशासन ने मवेशियों की आवाजाही पर रोक लगाई

लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जिससे संक्रमित मवेशियों में बुखार, आंखों और नाक से स्राव, मुंह से लार आना, पूरे शरीर में गांठ, दूध उत्पादन कम होना और खाने में कठिनाई इसके मुख्य लक्षण दिखने लगते हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : August 21, 2022 6:23 PM IST

हरियाणा के कुछ जिलों में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के प्रकोप को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने धारा 144 के तहत गुरुग्राम के अधिकार क्षेत्र के भीतर मवेशियों के अंतर्राज्यीय और अंतर-जिला आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, हरियाणा के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों पंजाब और राजस्थान में मवेशियों में एलएसडी का प्रकोप है। जानवरों में बीमारी के प्रसार को रोकने, नियंत्रित करने और रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 के तहत दिशा-निर्देश जरूरी हैं।

लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जिससे संक्रमित मवेशियों में बुखार, आंखों और नाक से स्राव, मुंह से लार आना, पूरे शरीर में गांठ, दूध उत्पादन कम होना और खाने में कठिनाई इसके मुख्य लक्षण दिखने लगते हैं।

प्रशासन ने जिला गुरुग्राम के अधिकार क्षेत्र में जानवरों के अंतर-राज्य कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिनमें गुरुग्राम में पशु मेलों और जानवरों के प्रदर्शन के आयोजन शामिल है।

अधिकारी ने बताया, "एलएसडी रोग के प्रसार की जांच करने के लिए संक्रमित जानवरों को आइसोलेट किया जा रहा है। साथ ही, जानवरों के शवों को खुले में फेंकना और उनके शवों से खाल निकालना आदि प्रतिबंध कर दिया गया है। पशु शवों का निस्तारण प्रोटोकॉल के अनुसार पशुपालन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा है।"

आदेशों में आगे कहा गया है कि पुलिस अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सीमाओं के साथ-साथ जिले के भीतर पुलिस चौकियों पर पर्याप्त बल की तैनाती करके गुरुग्राम में मवेशियों की आवाजाही की जांच करेगी। जिले के भीतर/बाहर पशुओं को ले जाने वाले सभी ट्रकों/ट्रैक्टर ट्रॉली/अन्य वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।

आदेश का उल्लंघन करना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध है।

--आईएएनएस

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