लखनऊ : मेडिकल छात्रों के लिए हैप्पीनेस क्लासेज

हैप्पीनेस क्लासेज का उद्देश्य संस्थान में नकारात्मकता, तनाव, दुख और कष्ट को दूर करना है ताकि भविष्य के ये डॉक्टर और पैरामेडिक्स अपनी सकारात्मकता मरीजों को दे सकें।

WrittenBy

Written By: IANS | Published : August 29, 2019 4:05 PM IST

लखनऊ में एक निजी मेडिकल कॉलेज ने शिक्षकों और छात्रों के बीच कल्याण व हित की भावना को बढ़ावा देने के लिए अपने यहां हैप्पीनेस (Happiness classes) का एक विभाग खोला है। यहां के हरदोई रोड पर स्थित एरा मेडिकल कॉलेज राज्य में पहला ऐसा उच्च शिक्षा संस्थान है जिनके पास डिपार्टमेंट ऑफ हैप्पीनेस (Happiness classes) है। इस परियोजना की शुरुआत मेडिकल प्रोफेशन में स्ट्रेस मैनेजमेंट (तनाव प्रबंधन) को बढ़ावा देने और इस उद्देश्य के साथ की गई कि डॉक्टर्स व पैरामेडिक्स चेहरे पर मुस्कान लिए रोगियों से मिल सकें।

हैप्पीनेस क्लासेज

एक महीने तक चलने वाली इस हैप्पीनेस क्लासेज में फिलहाल 290 स्टूडेंट्स हिस्सा ले रहे हैं जिनमें से मेडिकल के 150, नर्सिग के 80 और फार्मेसी विभाग के 60 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इन्हें बाद में एरा विश्वविद्यालय के अन्य भागों में भी प्रसारित किया जाएगा, जो मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन करता है। हफ्ते में तीन दिन आयोजित होने वाले इन स्पेशल क्लासेज में एक ही छत के नीचे आध्यात्मिक नेताओं और प्रेरक वक्ताओं के साथ मेडिसिन, क्लिनिकल सायकोलॉजी और मनोचिकित्सा सहित विभिन्न चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञ शामिल होते हैं।

न्यूरोसाइंस है महत्‍वपूर्ण 

इस दौरान वीडियो, कहानी या अनुभव के माध्यम से खुशियों, अवधारणा, कल्याण की भावना, सकारात्मक व नकारात्मक दृष्टिकोण, हताशा व सहिष्णुता, सहानुभूति, उदासीनता व परोपकारिता, बॉड लैंग्वेज और कम्यूनिकेशन के पीछे न्यूरोसाइंस के बारे में बताया जाता है।  विश्वविद्यालय के कुलपति अब्बास अली महदी के मुताबिक, "यह महज एक पायलट (ट्रायल) प्रोग्राम है। ग्रेड इस बात पर निर्भर करेगा कि खुशी से संबंधित कारकों का आकलन करने के लिए तैयार वैज्ञानिक प्रश्नावली का उत्तर किस तरह से दिया जाता है।

मनोवैज्ञानिक रेटिंग

एक महीने बाद एक मनोवैज्ञानिक द्वारा इनकी रेटिंग की जाएगी और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज से परे छात्रों के लिए क्लासेज के प्रसार के अलावा एक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की हमारी योजना है। हैप्पीनेस डिपार्टमेंट की प्रमुख प्रोफेसर मीता घोष ने कहा, "हमारा उद्देश्य संस्थान में नकारात्मकता, तनाव, दुख और कष्ट को दूर करना है ताकि भविष्य के ये डॉक्टर और पैरामेडिक्स अपनी सकारात्मकता मरीजों को दे सकें।"

उप्र में परिवार के 4 लोग पोलियो से पीड़ित, जानें पोलियो के कारण, लक्षण और उपचार

आंत के लिए फायदेमंद है रेड वाइन : शोध

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.