सुबह उठें जल्दी, स्तन कैंसर का जोखिम होगा कम

आंकड़ों के मुताबिक, 28 में से किसी एक महिला को लाइफ में कभी न कभी ब्रेस्‍ट कैंसर होने का अंदेशा रहता है।

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Written By: Anshumala | Published : November 9, 2018 11:47 AM IST

अपने दिन की शुरुआत देर से करने वाली महिलाओं की तुलना में सुबह जल्दी उठने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम कम होता है। एक नए शोध में पाया गया है कि सुबह जल्दी उठने वाली महिलाओं में देरी से उठने वाली महिलाओं की तुलना में स्तन कैंसर का खतरा 40 फीसदी कम होता है।

शोध में यह भी पाया गया है कि जो महिलाएं सात-आठ घंटे से अधिक सोती हैं, उन्हें अतिरिक्त प्रति घंटे की नींद से 20 फीसदी बीमारी होने का जोखिम ज्यादा होता है।

ब्रिटेन के कैंसर शोध संस्थान की एक शोधकर्ता छात्र रेबेका रिचमॉड ने कहा, "इस अध्ययन में सुबह जल्द उठने का स्तन कैंसर के जोखिम पर होने वाले बचावकारी प्रभाव के निष्कर्ष पूर्व के एक शोध के अनुरूप हैं, जिसमें रात्रि पाली में काम करने और रात में रोशनी में रहने एक भूमिका को स्तन कैंसर के जोखिम कारक के रूप में रेखांकित किया गया था।"

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क्या कहते हैं आंकडे़

भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि कैंसर के मामलों में 27 प्रतिशत मामले ब्रेस्‍ट कैंसर के हैं। इस तरह की परेशानी 30 वर्ष की उम्र के शुरुआती सालों में होती है, जो आगे चलकर 50 से 64 वर्ष की उम्र में भी हो सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, 28 में से किसी एक महिला को लाइफ में कभी न कभी ब्रेस्‍ट कैंसर होने का अंदेशा रहता है।

लक्षण

स्तन कैंसर के कुछ लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ बन जाना, स्तन के निप्पल से खून आना, स्तन की त्वचा पर नारंगी धब्बे पड़ना, स्तन में दर्द होना, गले या बगल में लिम्फ नोड्स के कारण सूजन होना आदि प्रमुख हैं।

कैसे होता है यह रोग

स्तन कैंसर में इस रोग के ऊतक या टिश्यू स्तन के अंदर विकसित होते हैं। इस रोग होने के पीछे जो कारक हैं, उनमें प्रमुख हैं- जीन की बनावट, पर्यावरण और दोषपूर्ण जीवनशैली। बचाव के लिए जरूरी है कि 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की स्क्रीनिंग आवश्यक रूप से की जाए। साथ ही जीवनशैली में भी कुछ बदलाव किए जाएं तो इस रोग की आशंका कम की जा सकती है।

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स्तन कैंसर से यूं करें बचाव

- शराब का सेवन कम करें। शराब से स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

- धूम्रपान करती हैं, तो इस आदत को धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करें। शोध के अनुसार, धूम्रपान और स्तन कैंसर के बीच एक संबंध है, इसलिए यह आदत छोड़ने में ही भलाई है।

- शरीर का वजन काबू में रखें। सक्रिय जीवन जिएं। अधिक वजन या मोटापे से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना लगभग 30 मिनट व्यायाम अवश्य करें।

- स्तनपान कराने से स्तन कैंसर की रोकथाम होती है।

- हार्मोन थेरेपी को कम करें। हार्मोन थेरेपी की अवधि तीन से पांच साल तक होने पर स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। सबसे कम खुराक का प्रयोग करें जो आपके लिए प्रभावी है। आप कितना हार्मोन लेते हैं, इसकी निगरानी डॉक्टर खुद करे तो बेहतर होगा।

- स्वस्थ आहार लें। फलों और सब्जियों से समृद्ध, संपूर्ण अनाज और कम वसा वाला आहार लें।

- तनाव से बचें। यह प्रतिरक्षा को कमजोर करता है और शरीर के रक्षा तंत्र को बिगाड़ता है। योग अभ्यास, गहरी सांस लेने और व्यायाम करने से लाभ होता है।

इनपुट: (आइएएनएस)

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