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Written By: Kishori Mishra | Published : June 19, 2020 2:36 PM IST
लॉकडाउन में अकेलेपन के कारण लोगों में बढ़ रही है स्मोकिंग की लत, इससे छुटकारा पाने में होगी मुश्किलें
Lockdown and Smoking: पूरी दुनिया में फैले कोरोनावायरस की महामारी (Coronavirus Pandemic) और लंबे समय से लॉकडाउन (Lockdown) के कारण लोग काफी तेजी से डिप्रेशन (Depression) के शिकार होते जा रहे हैं। लॉकडाउन के कारण (Lockdown and Depression) अधिकतर लोग अपने घरों में कैद होने की वजह से और कई अन्य समस्याओं के कारण मानसिक तनाव (Mental Stress) से गुजर रहे हैं, ऐसी स्थिति में लोगों को अपने और अपने परिवार के भविष्य (Lockdown and Smoking) की चिंता सताने लगी है।
इसके अलावा कोरोनावायरस के कारण अर्थव्यवस्था (Economy Problem) काफी सुस्त पड़ी हुई है, इससे धीरे-धीरे लोगों का स्ट्रेस (Stress) लेवल काफी बढ़ता जा रहा है। कोरोनावायरस (COVID-19) से लड़ने के साथ-साथ लोगों को अपने काम और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से लोगों में डिप्रेशन की (Depression in Lockdown) समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इन बीच एक अध्ययन हुआ है। इस अध्ययन के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण अकेलापन बढ़ने से लोगों में सिगरेट पीने (Smoking) की लत बढ़ रही है। इसके साथ ही रिसर्च में बताया गया है कि सिगरेट पीने वाले लोगों में अकेलापन (Lockdown and Smoking) भी काफी ज्यादा बढ़ रहा है। सिगरेट की लत से लोग अपने दोस्त-परिवार से दूर चले जाते हैं। इस आदत से लोगों का पीछे छुड़ाना (Lockdown and Smoking) काफी मुश्किल हो सकता है।
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के रिसर्चकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि लंबे समय तक अकेले रहने और धूम्रपान करने के बीच बहुत ही गहरा संबंध है। यह अध्ययन एडिक्शन जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन में एक नई रिसर्च टेक्नीक (Research Technic) का उपयोग किया गया है। इस टेक्नीक को मेंडनियन रैंडमाइजेशन (Mendenian Randomization) कहा जाता है। इस टेक्नीक में लाखों लोगों के जैनेटिक और सर्वे के आंकड़ों का इस्तेमाल होता है। इस अध्ययन में पाया गया कि लोगों में अकेलापन बढ़ने का कारण स्मोकिंग है। स्मोकिंग और अकेलापन एक बहुत ही बुरी लत है।
इस रिसर्च की सह लेखक डॉ. रेबिन वूटोन ने एक बयान जारी किया। इस बयान में उन्होंने कहा, ''इस टेक्नीक का उपयोग पहले ऐसे सवाल के लिए कभी नहीं किया गया। इसलिए ये नतीजे काफी नए हैं। अकेलेपन और धूम्रपान के बीच के संबंध की वजहों में सिगरेट का सूकून का स्रोत माना जाना या बैचेनी को खत्म करने वाला माना जाता है। इसके अलावा धूम्रपान से लोगों का अकेलापन भी बढ़ता है, क्योंकि इससे निकोटिन दिमाग में डोपामाइन हार्मोन के काम में दखल देता है।''
रिसर्चर्स के अनुसार, 1000 में से 100 लोगों ने इस बात को माना कि अकेलापन का सीधा संबंध स्मोकिंग से होता है। रिसर्च में पाया गया है कि सिगरेट पीने से अकेलापन बढ़ता है। क्योंकि सिगरेट में मौजूद निकोटीन के कारण हमारे दिमाग से डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है। यह हार्मोन उन्हें अच्छा महसूस कराता है, इसलिए लोग बार-बार सिगरेट पीते हैं। कोरोनावायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण कई लोग कहीं ना कहीं अकेले फंस गए। ऐसे में वे लोग अपने अकेलेपन को मारने के लिए धूम्रपान का सेवन शुरू कर देते हैं। इसके साथ ही इस स्थिति के दौरान लोग धूम्रपान के अधिक आदि बन चुके हैं। ।
ब्रिटिश सरकार के कोरोनावायरस ट्रैकर के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में लॉकडाउन के बाद से करीब 74 लाख लोगों ने सिगरेट पीना शुरू कर दिया है। शोध की लेखक डॉ. रॉबिन वुटेन के अनुसार, लॉकडाउन की वजह से लोगों ने सामाजिक दूरी बना ली है। इस स्थिति में लोगों से मिलना-जुलना पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इस दौरान लोगों में अकेलापन फील (Loneliness) करने के मामले बढ़े।
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