
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 29, 2020 10:31 AM IST
5-10% तक वजन घटाने से दूर हो सकता है डायबिटीज रोग, जानें ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखने के तरीके
2015 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 135 मिलियन लोग मोटापे से ग्रसित थे। मोटापा, जैसा कि हम सभी जानते हैं, हृदय रोग, मधुमेह और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देने में एक प्रमुख कारण बन सकता है। 2017 में हमारे देश में डायबिटीज रोगियों की कुल संख्या 27 मिलियन थी। यही कारण है कि भारत को दुनिया में मधुमेह राजधानी कहा जाता है। वर्तमान समय में स्थिति इतनी बदत्तर हो गई है कि सिर्फ व्यस्क ही नहीं बल्कि बच्चे भी डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। मधुमेह से पीड़ित लोगों को स्ट्रोक, दिल के दौरे, गुर्दे की बीमारी और उच्च रक्तचाप का अधिक खतरा होता है।
यदि डायबिटीज को समय पर कंट्रोल न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है। हालांकि जीवनशैली में बदलाव से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, सिर्फ 5-10 प्रतिशत तक वजन घटाने से लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही यदि कोई व्यक्ति पहले से ही डायबिटीज का मरीज है और वह अपना 5-10 प्रतिशत तक वजन कम कर ले तो डायबिटीज के विकास को 58 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
अध्ययन बताते हैं कि टाइप 2 मधुमेह और मोटापे के बीच में बहुत स्पष्ट संबंध है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर के फैट और हार्मोन के बीच एक संबंध है जो इंसुलिन के स्तर और भूख को नियंत्रित करता है। इस प्रकार जब आप बॉडी फैट को कम करते हैं तो आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित होता है। रिसर्च में यह पाया गया कि जिन लोगों ने अपना 20 प्रतिशत तक वजन कम किया उन्हें डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी लाभ मिला। इन व्यक्तियों में मेटाबॉलिक सिंड्रोम होने का खतरा 53 प्रतिशत कम हो गया।
वजन कम करना आसान नहीं है, इसलिए मधुमेह से पीड़ित लोगों को धीरे-धीरे वजन कम करने की कोशिश करनी चाहिए और कोई भी ऐसी डाइट का सेवन नहीं करना चाहिए जो रातों रात वजन कम करने का दावा करती हो। वजन कम करने के लिए एक संतुलित और हेल्दी डाइट का सेवन करें।