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Written By: Pallavi Kumari | Updated : August 10, 2022 11:23 AM IST
कोरोना वायरस के बाद चीन जैसे जूनोटिक बीमारियों के घर बनता जा रहा है। एक के बाद एक जूनोटिक बीमारियां यहां सामने आ रही हैं। अब यहां लंग्या वायरस (Langya Virus in China) का मामला सामने आया है, जिससे लगभग 35 लोग संक्रमित हैं। दरअसल, ये वायरस चीन के शेडोंग और हेनान प्रांतों में मिला है। बताया जा रहा है कि यहां Langya henipavirus से संक्रमित 35 मरीज मिले हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये वायरस एक-दूसरे के साथ किसी संपर्क से नहीं फैला है और ना ही मरीजों के परिवारों और करीबियों में कोई भी इससे संक्रमित है। बस ये अलग-अलग करके 35 लोगों में फैला है। डराने वाली बात ये है कि ये लिवर और किडनी फेलियर जैसी खतरनाक परेशानियां दे सकता है। आइए जानते हैं इस वायरस के बारे में सब कुछ।
लंग्या वायरस (Langya Virus) या चीन लैंग्या हेनिपावायरस (Langya Henipavirus) जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। हालांकि, अभी तक इस वायरस को लेकर ये नहीं कहा जा सकता है कि ये इंसानों के बीच कैसे और कितना फैल सकता है। पर घरेलू पशुओं पर किए गए एक सीरोलॉजिकल सर्वे ये बताती है कि एक जांच में 2% बकरियां और 5% कुत्ते इस वायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं। इसे लेकर सीडीसी (CDC) के डिप्टी डीजी ने कहा कि 25 जंगली जानवरों की प्रजातियों में इस वायरस से पॉजिटिव होने की बात सामने आई है।
लैंग्या हेनिपावायरस का पहला मामला शू (Shrew) में पाया गया है। ये चूहे जैसा दिखने वाला एक जानवर है। इसे बायोलोजिकल टर्न में मैमल्स भी कहते हैं। बताया जा रहा है लैंग्या हेनिपावायरस नेचुरल रूप से इन जानवरों में होता है और लगभग 27 प्रतिशत वायरस इन्हीं जीव में पाया जाता है।
लंग्या वायरस के लक्षणों की बात करें तो जिन 35 लोगों में ये फैला है उनमें कई लक्षण देखे जा सकते हैं। वायरस से संक्रमित कुछ रोगियों में
- बुखार
-थकान
-खांसी
-भूख न लगना
-मतली
-सिरदर्द और उल्टी सहित लक्षण देखे गए हैं।
वहीं, लंग्या वायरस के गंभीर लक्षणों में शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी देखी गई है। जिसमें प्लेटलेट कम हो जाते हैं, लिवर से जुड़ी समस्याएंहो सकती हैं और लिवर फेल हो सकता है।
ताइवान के रोग नियंत्रण केंद्र (Taiwan's Centers for Disease Control (CDC) की मानें तो, लंग्या वायरस की टेस्टिंग के लिए न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग ( nucleic acid testing) की मदद ली जा रही है।
बता दें कि न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में गुरुवार को प्रकाशित "ए जूनोटिक हेनिपावायरस इन फेब्राइल पेशेंट्स इन चाइना" के एक अध्ययन में कहा गया है कि चीन में बुखार पैदा करने वाली ये बीमारी हेनिपावायरस से फैल रही है लेकिन अभी भी इंसान से इंसान में फैलने को लेकर बहुत कुछ नहीं कहा जा सकता है।