2 साल बाद भी कोविड से ठीक होने वाले रोगियों में दिखाई देता है 1 लक्षण, लांसेट का दावा 4 में से एक रोगी भी नहीं हुआ ठीक

द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन ने एक अध्ययन में कहा कि ऐसे सबूत मिले हैं कि कोविड से ठीक होने के 2 साल बाद भी लोग पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 12, 2022 6:15 PM IST

अक्सर लोग इस बात को लेकर बहस करते हैं कि कोविड के लक्षण कितने दिनों तक शरीर पर दिखाई देते हैं लेकिन हकीकत क्या है, इसका अंदाजा किसी को नहीं। मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड से संक्रमित व्यक्ति दो साल बाद भी कम से कम एक लक्षण से संक्रमित पाए गए हैं। द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन ने एक अध्ययन में कहा कि ऐसे सबूत मिले हैं कि बहुत से लोग कोविड से ठीक होने के बाद भी कई अंगों और तंत्रों पर कोविड का दीर्घकालिक प्रभाव पाते हैं।

2 साल बाद भी ठीक नहीं हुए लोग

द लांसेट में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शुरुआत में बीमारी के गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले वे व्यक्ति, जो 2 साल के भीतर अपने काम पर लौट रहे हैं उनका मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। हालांकि जिन लोगों में लक्षण दिखाई देते हैं उनकी संख्या लक्षण न दिखाई देने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा है।

खराब रहा स्वास्थ्य

अध्ययन के मुताबिक, कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों का स्वास्थ्य आम लोगों के मुकाबले पिछले 2 साल में काफी खराब रहा है। ये अध्ययन लॉन्ग कोविड के रोगाणुओं को तलाशने की दिशा में तत्काल जरूरत की ओर इशारा करता है और लॉन्ग कोविड के जोखिम को कम करने के लिए प्रभावी उपायों को विकसित करने पर जोर देता है।

लॉन्ग कोविड को समझने की जरूरत

अध्ययन के मुताबिक, गंभीर रूप से संक्रमित होने के बाद एक व्यक्ति लॉन्ग कोविडसे करीब 2 साल तक प्रभावित रह सकता है, जो ये दर्शाता है कि लॉन्ग कोविड के प्राकृतिक इतिहास को बेहतर तरीके से समझने की जरूरत ताकि कोविड से ठीक होने वाले व्यक्ति पूरी तरह से इस समस्या से उबरें।

द लांसेट के मुताबिक, आगे और अध्ययन होने चाहिए ताकि लॉन्ग कोविड के रोगाणुओं का पता लगाया जा सके और लॉन्ग कोविड के जोखिम को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।

बहुत बड़ी चुनौती बना लॉन्ग कोविड

मेडिकल जर्नल का कहना है कि अब तक कोविड-19 से बहुत भारी संख्या में लोग ठीक हो चुके हैं, जिसकी वजह से गंभीर रूप से बीमार होने वाले लोगों के स्वास्थ्य की चिंता एक बड़ा विषय बनी हुई है और ये एक बड़ी स्वास्थ्य व सामाजिक और आर्थिक बोझ बन सकती है।

4 में से 1 व्यक्ति भी नहीं हुआ ठीक

ब्रिटेन ने अप्रैल के अंत में कहा था कि इस बीमारी से अस्पताल में भर्ती 4 में से एक मरीज एक साल बाद भी कोविड से पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया है। इसलिए लॉन्ग कोविड एक सामान्य स्थिति बनती जा रही है, जो कि एक चिंता का विषय का है।

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