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Written By: Pallavi Kumari | Published : April 4, 2022 10:38 AM IST
दुनियाभर में दिल की बीमारियों के बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल। दरअसल, हम क्या खा रहे हैं, क्या पी रहे हैं इससे हमारा शरीर और इसके विभिन्न अंग प्रभावित होते हैं और ऐसा ही कुछ हमारी दिल के साथ भी है। हमारे दिल की सेहत, स्वस्थ ब्लड वेसेल्स और ब्लड सर्कुलेशन पर निर्भर करती है और जब इन दोनों में से किसी में भी कोई गड़बड़ी होती है, तो इससे दिल का कामकाज प्रभावित हो जाता है। ऐसा हम नहीं बल्कि, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं का भी कहना है। हाल ही में, यूरोपियन हेल्थ जर्नल ( European Heart Journal) में प्रकाशित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा किए गए एक शोध में बताया गया है कि कैसे शरीर में पानी की कमी का होना हार्ट अटैक सहित हार्ट फेलियर (Dehydration and heart failure) तक के खतरे को बढ़ाता है। साथ ही शोध यह भी बताता है कि कैसे शरीर में तरल पदार्थ की कमी आपके दिल के काम काज को प्रभावित करती है। तो, आइए जानते हैं इस शोध के बारे में विस्तार से।
यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस शोध की मानें, तो पर्याप्त मात्रा मे पानी पीना आपके दिल के काम काज को बढ़ावा देता है। दरअसल, शोध में 45 से 66 आयु वर्ग के 15,000 से अधिक वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया है जिनमें साल 1987-89 के बीच दिल की कोई ना कोई बीमारी थी। इन लोगों में डायबिटीज, मोटापा, हाइड्रेशन और दिल की गतिविधियों का खासतौर पर विश्लेषण किया गया। इस दौरान दो बातों पर खासतौर पर ध्यान दिया गया जिसमें पहला था पानी की कमी और दूसरा इन लोगों द्वारा नमक का सेवन।
इस दौरान पता चला कि सोडियम, शरीर के द्रव स्तर की कमी को बढ़ता है और विशेष रूप से हार्ट फेलियर के जोखिम में एक बड़ी भूमिका निभाता है। यानी कि जिन लोगों ने नमक का सेवन ज्यादा किया था उनमें दिल की गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। यही बात पानी की कमी के साथ भी जुड़ी हुई थी।शरीर में पानी की कमी खासतौर पर ब्लड वेसेल्स और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर रहा था और इससे दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा था।दरअसल, पानी की कमी ब्लड प्रेशर बढ़ाती है और कई बार ब्लड वेसेल्स के डेड होने और अचानक से हार्ट फेलियर का खरता पैदा करती है।
शोध में बताया गया है कि कई शारीरिक कार्यों के लिए तरल पदार्थ जिसमें कि पानी भी शामिल है, बेहद जरूरी है। दरअसल, पानी जैसा तरह पदार्थ हार्ट को ब्लड पंप करने में मदद करना। साथ ही ये ब्लड वेसेल्स को चौड़ा रखता है जिससे ब्लड सर्कुलेशनसही रहता है। इसलिए शोधकर्ताओं का कहना है कि शरीर की जरूरतों के आधार पर महिलाओं को 6-8 कप (1.5-2.1 लीटर) और पुरुषों के लि ए 8-12 कप (2-3 लीटर) के दैनिक तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।
इस तरह इस शोध की मानें, तो हर किसी को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। साथ ही उन चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की भरपूर मात्रा हो। तो, हाइड्रेटेट रहें और अपने दिल को हेल्दी रखें।