
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 25, 2020 4:11 PM IST
Koronakit: पतंजलि ने नहीं किया था कोविड की दवाई का आवेदन।
Patanjali Corona Kit: बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेदिक संस्थान ने मंगलवार को कोरोनाकिट लॉन्च किया। जिसके बारे में दावा किया गया कि यह दवा कोरोना वायरस पर पूरी तरह से कारगर है। लेकिन, इस दवा के लॉन्च होने के कुछ घंटों बाद ही भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की इकाई आयुष मंत्रालय ने इस दवा के प्रचार और वितरण पर रोक लगा दी। उत्तराखंड के लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने पतंजलि से इस दवा को बनाने से पहले लिए गए लाइसेंस और अनुमति पत्र की प्रतियां भी मांगी हैं। (Patanjali Corona Kit contoversy)
इस कोरोना-रोधी दवाई के बारे में लाइसेंसिंग विभाग ने कहा है कि, आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली बाबा रामदेव की कम्पनी ने जब लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। तब, उस आवेदन में यह नहीं लिखा गया था कि यह दवाई वह कोरोना के इलाज के लिए बना रही है। जबकि, कम्पनी ने इम्यूनिटी बूस्ट करने वाली और सर्दी-खांसी के इलाज के लिए दवाई बनाने की बात लिखी थी।
10 जून को पतंजलि ने 2-3 उत्पादों के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया। विभाग के अधिकारियों और एक्सपर्ट्स द्वारा जांच किए जाने के बाद 11 जून को लाइसेंस दे दिया गया। लेकिन अधिकारियों के अनुसार, पतंजलि द्वारा इस बारे में नहीं बताया गया कि यह उत्पाद कोरोना वायरस के लिए बनाए जा रहे हैं। उत्तराखंड आयुर्वेद डिपार्टमेंट के लाइसेंस ऑफिसर, वाईए, रावत ने कहा,’“हमने केवल इम्यूनिटी बढ़ाने वाली और सर्दी-ज़ुकाम की दवाइयों के लिए अनुमति दी थी।“
गौरतलब है कि, कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल (Coronavirus Ayurvedic medicine) के लॉन्च करने के अवसर पर बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने दावा किया था कि पतंजलि की दवाई का जिन मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया गया, उनमें 69 प्रतिशत मरीज केवल 3 दिन में पॉजीटिव से निगेटिव पाए गए। इसी तरह, उन्होंने दावा किया कि सप्ताहभर में ही कोरोनिल का प्रयोग करने वाले मरीज़ 100 प्रतिशत कोरोना-मुक्त हो गए। पतंजलि का दावा है कि कोरोनिल दवाई का ट्रायल 280 कोविड-19 मरीज़ों पर किया गया था।