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Written By: Yogita Yadav | Published : September 13, 2018 3:53 PM IST
तकनीक की मदद से आसान हो रहा है गंभीर रोगों का इलाज।
मेडिकल रोबोट मुश्किल और पारम्परिक सर्जरी के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसका इस्तेमाल ओपन एवं लैप्रोस्कोपिक दोनों तरह की सर्जरियों की जगह किया जा सकता है। ट्रांसोरल (मुंह के जरिए) रोबोटिक सर्जरी मिनीमल इनवेसिव होती है। इसमें मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और इसके साईड इफेक्ट्स भी कम होते हैं।
बदलाव है मददगार
चिकित्सा क्षेत्र में आ रहे तकनीकी बदलावों के बीच रोबोटिक सर्जरी अब अपने देश में भी होने लगी है। रोबोटिक सर्जरी में विशेषज्ञता प्राप्त सर्जन मुश्किल सर्जरी के लिए रोबोट का इस्तेमाल कर रहे हैं। रोबोट की मदद से सर्जन बेहद सटीकता व निपुणता के साथ सर्जरी को सफलतापूर्वक कर पा रहे हैं।
आसान हुई सर्जरी
इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में रोबोटिक ईएनटी, हेड-नेक सर्जरी की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कल्पना नागपाल ने के अनुसार "रोबोट चिकित्सा जगत और सर्जरी का भविष्य हैं। आज रोबोट्स की मदद से हमें सर्जरी में बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। ये सर्जन की मदद करते हैं और मुश्किल सर्जरी को भी आसानी और सुरक्षा के साथ करने में मदद करते हैं। हालांकि भारत में अभी रोबोटिक सर्जरी कुछ ही जगह है लेकिन भविष्य में इसका चलन तेजी से बढ़ने की संभावना है।"
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करीब 100 रोबोटिक सर्जरी कर चुकीं कल्पना ने कहा, "आमतौर पर हेड एवं नेक सर्जरी में बड़े चीरे लगाने पड़ते हैं लेकिन रोबोटिक सर्जरी में इसकी जरूरत नहीं होती। रोबोटिक सर्जरी के लिए सर्जन रोबोट को कमांड देता है और रोबोटिक आर्म्स इन कमांड को फॉलो करती हैं। सर्जन की कलाई, कंधे, कोहनी एक निश्चित सीमा तक ही घूम सकते हैं, जबकि रोबोटिक आर्म्स 360 डिग्री मूवमेन्ट कर सकती है। वे मरीज के शरीर के ऐसे हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकती हैं जहां सर्जन के हाथ नहीं पहुंच पाते। रोबोटिक आर्म्स पांच मिलीमीटर जैसी छोटी सी जगह तक पहुंच कर भी मुश्किल सर्जरी को सफलतापूर्वक और पूरी सटीकता के साथ पूरा करती है।"