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जानें क्‍या है कलारिपयट्टू, फि‍टनेस के लिए कितना खास है ये

फ्लेक्सिलबल मूव्स और एक्टिव परफॉर्मिंग के कारण यह शरीर और दिमाग दोनों को बनाता है तेज। © Shutterstock

फ्लेक्सिलबल मूव्स और एक्टिव परफॉर्मिंग के कारण यह शरीर और दिमाग दोनों को बनाता है तेज।

Written by Yogita Yadav |Updated : September 12, 2018 10:07 AM IST

कलारिपयट्टू एक बेहद प्राचीन कला है। भारतीय परंपरा और जनश्रुति के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण इस विद्या के असली जनक थे। उन्होंने इस विद्या के माध्यम से ही चाणूर और मुष्टिक जैसे मल्लों का वध किया था। इसी विद्या के जरिए उन्होंने कालिया नाग का भी वध किया था।

केरल में होता है प्रशिक्षण  

कलारिपयट्टू केरल का एक मार्शल आर्ट है जोकि विश्व की सबसे पुरानी, लोकप्रिय व वैज्ञानिक कला है।  कूंग-फूं का विकास भी इस कला के जरिए माना जाता है। मूल रूप से यह केरल के मध्य और उत्तर भाग में, कर्नाटक व तमिलनाडु के नजदीक वाले भाग में अधिक प्रचलित है। कालारीपट्टू का अर्थ मलायलम और तमिल भाषा में कालारी का मतलब होता है "युद्धस्थल" और पयट्टू का मतलब होता है "पारंगत या प्रशिक्षित होना" या "अभ्यास करना"। जब इन शब्दों को आपस में जोड़ा जाता है तो इसका मतलब होता है "युद्धस्थल के लिए प्रशिक्षित होना"।

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इसलिए है खास

मुख्यत: कलारिपयट्टू या कालारी युद्ध, उपचार और मार्मा थेरेपी का विज्ञान है जो इतिहासकारों द्वारा दुनिया में सबसे पुराने मौजूदा मार्शल आर्ट्स में से एक माना जाता है, जो केरल, भारत में शुरू हुई मार्शल आर्ट का पारंपरिक रूप है। कलारिपयट्टू में स्ट्राइक, किक्स, ग्रैपलिंग, प्रीसेट फॉर्म, हथियार और उपचार विधियां शामिल हैं। बोधिधर्मन के कारण यह विद्या चीन, जापान आदि बौद्ध राष्ट्रों तक पहुंची।

ये हैं कलारिपयट्टू के फायदे

बढ़ेगा लचीलापन

अन्य मार्शल आर्ट की तरह ही यह शरीर का लचीलापन बढ़ाता है। इस विद्या का सीखने के दौरान आप खुद को सुरक्षित रखने के लिए कई फ्लेक्सिलबल मूव्स के बारे में सीखते हैं जो आपकी बॉडी को फ्लेक्सिबल बनाता है।

शरीर होगा मजबूत

कलारिपयट्टू से आपका शरीर मजबूत और सुडौल बनता है। कलारीपट्टू प्रशिक्षकों और चिकित्सकों का मानना है कि आपकी स्ट्रेंथ आपके अंदर ही छिपी होती है। जब तक आप आंतरिक रूप से फिट और स्वस्थ नहीं हैं, तब तक आप कभी भी खुद को मजबूत नहीं कह सकते हैं।

बनेंगे फुर्तीले

इस मार्शल आर्ट में आपको खूब तेज और फुर्तीले मूव्स सीखने पड़ते हैं। इस मार्शल आर्ट में आपको आक्रमण के साथ ही बचाव के तरीकों के बारे में सिखाया जाता है। ताकि आप खुद को सामने वाले के प्रहार से बचा सकें। ये तकनीक आपको फुर्तीला बनाती है।

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कम होगा आलस

अगर आप अपने जीवन में आलस्य महसूस करते हैं तो ये एक ऐसी विद्या है जो आपको फुर्तीला बनाने के साथ आपकी दिनचर्या से आलस्यय का नामोनिशान नहीं रहने देगी।

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बढ़ती बुद्धि तत्पररता

कलारिपयट्टू विशेषज्ञ बनने के साथ ही आपका बुद्धि कौशल भी इम्प्रूव होता है। इस मार्शल आर्ट तकनीक में आपको बचाव और आक्रमण के लिए कई तकनीक सिखाई जाती हैं। बचाव के तरीको के लिए आपको खुद के नए मूव्स बनाने पड़ते है जिसके लिए बुद्धि तत्परता की जरुरत होती है जो इस मार्शल आर्ट के जरिए बढ़ती है।

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