क्‍या होता है नस पर नस चढ़ जाना, ऐसे करें ठीक

नस खिचंने की समस्‍या बार-बार हो तो देना चाहिए अपने रूटीन पर ध्‍यान।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Published : September 25, 2018 12:56 PM IST

अकसर कुछ लोगों को रात को सोते समय पैर में भयंकर दर्द उठ जाता है। उन्‍हें अकसर कहते सुना जाता है कि नस पर नस चढ़ गई है। जबकि कई बार दिन में भी ऐसी समस्‍या महसूस हो जाती है। आइए आपको बताते हैं कि क्‍या होता है नस पर नस चढ़ना और कैसे किया जा सकता है इसे ठीक।

यूं तो नस पर नस चढ़ना कोई बड़ी बीमारी नहीं है बल्कि एक साधारण सी प्रक्रिया है, लेकिन जब शरीर में कहीं भी नस चढ़ जाती है तो जान निकल जाती है। और अगर रात को सोते समय पैर की नस चढ़ जाये फिर तो इंसान दर्द और सूजन के चलते घबराकर उठ जाता है।

नस पर नस चढ़ना

यह समस्‍या किसी भी व्यक्ति को किसी न किसी कारण से और कभी भी हो सकती है। नस पर नस चढ़ने पर पैरों में ऐठन भी हो जाती है। टांगों और पिंडलियों में हल्का–हल्का दर्द भी होता है। इसके आलावा पैरों में दर्द के साथ, जलन, झनझनाहट और सूई चुभने जैसा एहसास होता है। कुछ लोग इस दर्द को कम करने के लिए गोलियों का सहारा भी लेते है तो कुछ लोग घरेलू तरीका अपनाकर इसे ठीक करते है।

अपनाएं ये उपाय 

जिस भाग में नस चढ़ी हो उसके विपरीत भाग के कान के निचले जोड़ पर उंगली से दबाते हुए उंगली को हल्‍का सा ऊपर और नीचे की तरफ 10 सेकेंड तक बार-बार करने से नस उतर जाती है। साथ ही ऐंठन के दर्द को कम करने के लिए थोड़ा सा नमक हथेली पर लेकर उसे चाटने से भी नस उतर जाती है। नमक शरीर में कम इलेक्ट्रोलाइट को पूरा करने में मदद करता है। यह उपाय लोकप्रिय है क्योंकि नमक आसानी से किसी भी घर में उपलब्ध होता है।

कई बार पोटैशियम की कमी के चलते भी नस पर नस चढ़ जाती है, ऐसे में एक केला खाने से पोटैशियम के स्‍तर में वृद्धि होती है और नस उतर जाती है।

इन बातों का भी रखें ध्‍यान

सोते समय अपने पैरों को थोड़ा ऊंचा उठा कर रखें। इसके लिए पैरों के नीचे तकिया रख लें।

प्रभावित हिस्‍से पर बर्फ की ठंडी सिकाई करें।

अगर गर्म-ठंडी सिकाई 3 से 5 मिनट की करें तो इस समस्या और दर्द–दोनों से राहत मिलेगी।

शराब, सिगरेट, नशीले तत्वों का सेवन नहीं करें।

यह भी पढ़ें -महिलाएं ही नहीं, पुरुषों में भी होती है आयरन की कमी, ये हो सकता है नुकसान

अपना वजन कम करें। इसके लिए रोजाना सैर पर जाएं या जॉगिंग करें।

फाइबर युक्त भोजन करें और रिफाइंड फूड का सेवन न करें।

यह भी पढ़ें -क्‍या आपकी कंपनी भी है ऐसी, तो खुद संभालें अपनी सेहत

5-10 बादाम और किशमिश, 2-3 अखरोट की गिरि और 2-5 पिस्ते का रोजाना सेवन करें।

लेकिन ध्‍यान रहें कि अगर आपको ज्‍यादा तकलीफ होती है तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source